पश्चिम क्षेत्र के आदि वीर जिनालय कल्पतरु जिनालय में रविवार को भूत, भविष्य और वर्तमान के 24 तीर्थंकरों के 5 हजार 184 कलशों से महा मस्तकाभिषेक होगा। इंदौर से पढ़िए, ओम पाटोदी की यह खबर…
इंदौर। पश्चिम क्षेत्र के आदि वीर जिनालय कल्पतरु जिनालय में रविवार को भूत, भविष्य और वर्तमान के 24 तीर्थंकरों के 5 हजार 184 कलशों से महा मस्तकाभिषेक होगा। यह इंदौर के इतिहास में पहला अवसर है जब तीनों काल के 24 तीर्थंकर के एक साथ अभिषेक होंगे। जिनालय के अर्पित वाणी ने इस पुण्य अवसर पर आचार्य श्री विद्यासागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज का सानिध्य प्राप्त होगा।शनिवार को मुनि द्वय के सानिध्य में श्री गणधर वलय मंडल विधान हुआ। जिसमें भक्ति भाव के साथ श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
हम आपको मंत्र नहीं महामंत्र दे रहे हैं : मुनि श्री
इस अवसर पर मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि आप लोग अपनी भावनाएं हमेशा उत्कृष्ट से उत्कृष्टता को प्राप्त करने की रखें। संसारी जीव हमेशा ऐसी भावना रखते हैं कि कोई ऐसा मंत्र मिल जाए जिससे उनके सब कार्य सिद्ध हो जाए बहुत धन मिल जाए, भाग्यशाली बनूं भाग्य अच्छा हो और पद मिले प्रतिष्ठा और मान सम्मान मिले। इसके लिए मुनि श्री ने कहा कि हम आपको मंत्र नहीं महामंत्र दे रहे हैं। आप विश्वास के साथ महामंत्र णमोकार को व्याधों, धन चाहिए तो संतोष परम धन है, भाग्यशाली बनना है तो वैराग्य की भावना भाएं और पद चाहिए तो वीतरागता परम पद है, उसका चिंतन हमेशा करते रहे। ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों ने सभी समाज जनों से आग्रह किया है कि इस महान पुण्य अवसर मे सम्मिलित होकर विशेष पुण्य का अर्जन करें।













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