दिगंबर जैन समाज के सूर्य, पूरे विश्व में जैन समाज को उंचाई पर पहुंचने वाले आचार्य संत शिरोमणि 108 विद्यासागर जी महाराज के समाधिस्थ होने से हृदय द्रवित है। इसे लेकर साहिल जैन ने व्यक्त की भावनाएं…
दिगंबर जैन समाज के सूर्य, पूरे विश्व में जैन समाज को उंचाई पर पहुंचने वाले आचार्य संत शिरोमणि 108 विद्यासागर जी महाराज के समाधिस्थ होने से हृदय द्रवित है। उन्होंने सम्पूर्ण जीवन समाज के उत्थान में लगाया, प्रतिभास्थली का निर्माण, जीव दया के लिए दयोदय महासंघ का गठन, हाथकरघा, पूर्णायु, मूक माटी ग्रंथ की रचना की। उनका जीवन समाज के प्रति प्रेम व जन-जन तक महावीर के संदेश को पहुंचने वाले विश्व में शांति व अहिंसा शाकाहार के विचारों को सशक्त करने को समर्पित रहा। मुझे प्रथम बार 2013 में आचार्य श्री का दर्शन प्राप्त हुआ तो मुझे लगता है कि मेरा जीवन धन्य हुआ और मैं जीव दया के प्रति समर्पित हुआ और मानव सेवा और धर्म को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मैंने कार्य शुरू किया। आचार्य श्री का पूरा जीवन धर्म को रास्ता दिखाता है एवं सबसे गर्व की बात यह है कि जब आचार्य श्री की प्रेरणा से दयोदय महासंघ का गठन हुआ और भारत बांग्लादेश सीमा का नाम आता है तो गुरुवर प्रमाण सागर जी ने सर्वप्रथम मेरा नाम लिया और पूरा घाट चंद्र मोड में 3500 गोवंश का संरक्षण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने वहां एक चमत्कार देखा जो 6 महीने से कैसे चल रहा था आचार्य श्री के आशीर्वाद और निर्देशन से वह कार्य में सुनील भैया के माध्यम से गुरुवर तक पहुंचा और गुरुवर ने आशीर्वाद प्रदान किया। 7 सितंबर 2020 आपका कार्य जल्द ही पूर्ण हो गया वह कार्य तीन दिन में संपन्न हो गया व तस्करी कम हो गई। गुरुदेव के आशीर्वाद और प्रेरणा से मुझे 7 सितंबर 2022 को शिवपुरी में दयोदय महासंघ राष्ट्रीय अधिवेशन द्वारा कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया।
व्यक्तिगत क्षति
मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि भारत सरकार द्वारा लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा एवं भारत सरकार के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इकबाल द्वारा, पशुपालन मंत्री पशुरतम रूपल एवं असम के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया एवं पश्चिम बंगाल के गवर्नर द्वारा, बंगाल के मुख्यमंत्री एवं पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक आयोग द्वारा, इमरान हाशमी जंगीपुर के सांसद पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष एवं सांसद सुकांतो मजूमदार द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि पत्र भेजा गया। आचार्यश्री के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। वे मानवता के सच्चे सेवक थे। उनके प्रेरणात्मक शब्दों ने मानव सेवा के मेरे संकल्प को नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता प्रदान की। उनका समाधिस्थ होना समाज के साथ मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है।
साहिल जैन
परामर्शदाता
समग्र जैन समाज भारत
धूलियान, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल













Add Comment