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सनावद नगर में जैन मुनियों के आगमन से उल्लास: जिन मंदिरों के दर्शन के बाद बेड़िया की ओर विहार

सन्मति जैन- सनावद में मंगल प्रवेश से पहले मुनि संघ ने रविवार को सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकुट से पद विहार कर रात्रि विश्राम ग्राम कोठी में किया । प्रातः काल की बेला में सनावद नगर में इनपुन भोगांव रोड़ से नगर में प्रवेश किया । जहां समाजजनों ने अगवानी की । मुनि संघ को बैंड- बाजे के साथ जुलूस के रूप में नगर प्रवेश कराया गया ।

जैन मुनियों की अभिनंदन यात्रा

मुनि संघ अभिनंदन यात्रा, नगर के मुख्य मार्गों से रेल्वे स्टेशन बस स्टेशन ब्राहम्णपुरी होते हूए श्री पार्श्वनाथ बड़ा जैन मंदिर पहुंची । मंदिर के हाल में आयोजित धर्म सभा में मंगलाचरण श्रीमति रेखा राकेश जैन तथा दीप प्रज्वलन संतोष बाकलीवाल,सुनील के जैन,सुधीर चौधरी,इंदरचंद सराफ़,नरेंद्र भारती,नरेंद्र जैन द्वारा किया‌‌ गया ।

धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अक्षय सागरजी महाराज ने कहा की दीप से प्रकाश, फूल से सुगंध और वृक्ष की पत्तियों से शीतलता का मूल्यांकन होता है । अर्थात पदार्थ से अधिक पदार्थ के गुणों का महत्व होता है।

जैन दर्शन गुणो की पूजा करता है । इस अवसर पर सभी समाजजनों ने मुनि श्री की अमृत वाणी की रस पान किया । सुधीर कुमार चौधरी को मुनि श्री को आहारचर्या का सौभाग्य मिला ।

मुनि 108 श्री अक्षय सागर जी का बेड़िया की ओर विहार
मुनि 108 श्री अक्षय सागर जी महाराज का दोपहर में सभी जिन मंदिरों के दर्शन करने के पश्चात बेड़िया की ओर विहार हूवा। जैसा जी ज्ञात है की मुनि श्री नेमावर से विहार कर बड़वानी की ओर अग्रसर है ।

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Shreephal Jain News

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