मुरैना में जैन मिलन महिला “वर्धमान” शाखा द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला में महिलाओं को मीनोपॉज एवं उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।
मुरैना। जैन मिलन महिला “वर्धमान” शाखा द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत शाखा की सदस्याएं पार्वती नर्सिंग होम पहुंचीं, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा माहेश्वरी ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
मीनोपॉज पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन
कार्यशाला में डॉ. सुधा माहेश्वरी ने मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) एवं उससे जुड़ी शारीरिक और मानसिक समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह महिलाओं के जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जो सामान्यतः 40 से 50 वर्ष की आयु के बीच प्रारंभ होती है।
महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को खुलकर विशेषज्ञ के समक्ष रखा। डॉ. माहेश्वरी ने सभी प्रश्नों के सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से उत्तर देकर महिलाओं को आवश्यक परामर्श प्रदान किया।
जीवनशैली पर दिया विशेष जोर
डॉ. माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान समय में कम आयु की बालिकाओं में हार्मोनल परिवर्तन तेजी से देखने को मिल रहे हैं। इसके पीछे मोबाइल का अत्यधिक उपयोग, जंक फूड का सेवन, पर्याप्त नींद का अभाव तथा असंतुलित जीवनशैली प्रमुख कारण हैं।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह
उन्होंने महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। साथ ही किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न कर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने का संदेश दिया।
महिला सदस्यों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यशाला में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वास्थ्य संबंधी अनेक उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम को महिलाओं ने ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
अनेक सदस्याएं रहीं उपस्थित
इस अवसर पर ग्रुप फाउंडर वीरांगना सरिता जैन, अध्यक्ष वीरांगना सुप्रिया जैन, सचिव निधि जैन, कोषाध्यक्ष रीना जैन, बबीता जैन, शीतल जैन, श्वेता जैन, सपना जैन, अंजलि जैन, दीपाली जैन सहित जैन मिलन महिला “वर्धमान” शाखा की अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं।
स्वास्थ्य जागरूकता का दिया संदेश
कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर, सही जीवनशैली अपनाकर तथा समय पर चिकित्सा परामर्श लेकर जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सुखद बनाया जा सकता है।













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