स्थानीय सदर बाजार स्थित नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में एक विशेष विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा हाल ही में एक दर्दनाक सड़क हादसे में समाधिमरण को प्राप्त हुईं दो जैन आर्यिका माताजी की स्मृति में रखी गई थी। इस दुःखद घटना से पूरे जैन समाज में चिंता व्याप्त है। खैरवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
खैरवाड़ा। स्थानीय सदर बाजार स्थित नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में एक विशेष विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा हाल ही में एक दर्दनाक सड़क हादसे में समाधिमरण को प्राप्त हुईं दो जैन आर्यिका माताजी की स्मृति में रखी गई थी। इस दुःखद घटना से पूरे जैन समाज में चिंता व्याप्त है।
दर्दनाक सड़क हादसा
जानकारी के अनुसार, चार दिन पूर्व रीवा (सागर) के समीप सुबह करीब 6:30 बजे विहार के दौरान एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने आर्यिका माताजी को सामने से टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में एक माताजी का मौके पर ही समाधिमरण हो गया। वहीं, दूसरी माताजी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्होंने उसी दिन शाम 4:30 बजे अंतिम सांस लेते हुए समाधिमरण प्राप्त किया।
आचार्य श्री विद्यासागर जी की शिष्याएँ
नेमीनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया और प्रबंध समिति ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। समाधिस्थ दोनों माताजी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षित शिष्याएँ थीं। इनमें से एक माताजी सागर (मध्य प्रदेश) की और दूसरी माताजी तमिलनाडु की रहने वाली थीं।
मंत्रोच्चार के साथ दी श्रद्धांजलि
विनयांजलि सभा में बड़ी संख्या में जैन समाज के धर्मावलम्बी और साधर्मी बंधु एकत्रित हुए। सभी ने सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप किया और माताजी की आत्मा की सद्गति व उच्च गति के लिए मंगल भावना भाई। इस सभा में अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया, जयंती भाई भगोरिया, हेवन फड़िया, शांतिलाल वखारिया, रमेश गांधी, चंद्रा बेन शाह, कंचन पंचोली, नयना बेन पंचोली सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।













Add Comment