भारत गौरव अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज एवं सौम्यमूर्ति उपाध्याय 108 श्री पीयूष सागर जी महाराज का रांची में मंगल प्रवेश पांच मार्च को होगा। इसकी तैयारी समाज के द्वारा किया जा रही है। पढ़िए राजकुमार अजमेरा की विस्तृत रिपोर्ट…
रांची। वर्ष 2004 से असम से लगातार चल रही अहिंसा संस्कार पदयात्रा का रांची में भव्य मंगल प्रवेश भारत गौरव अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज एवं सौम्यमूर्ति उपाध्याय 108 श्री पीयूष सागर जी महाराज के साथ पांच मार्च को होगा। इसकी तैयारी समाज के द्वारा किया जा रही है। शहर के रास्ते में कई तोरण द्वार बनाये जा रहे हैं। सभी अपने घरों में बैनर और रंगोली की तैयारी कर रहे हैं। पूरा शहर को पंचरंगे झंडे से पाटा जा रहा है।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पदम जैन छाबडा ने बताया कि पांच और छह मार्च को कई संघ अन्तर्मना 108 प्रसन्न सागर जी ससंघ, आचार्य श्री गुणधर नंदी जी महाराज, श्री 108 सुवेश सागर जी महाराज का मंगल मिलन रांची की धरती पर हो रहा है। समाज के सभी वर्गों में एक अलग उत्साह दिख रहा है। लोग शहर प्रवेश के कई दिनों से पैदल साथ चल रहे हैं और कई दिनों से अन्तर्मना आचार्य श्री के रांची शहर में आगमन को लेकर प्रयासरत थे। रांची वालों के पुण्य उदय से गुरुदेव की स्वीकृति प्राप्त हुई। स्वीकृति मिलने के बाद रांची वालों के खुशी का ठिकाना नहीं है।
रामगढ़ की ओर से लगभग 20 किलोमीटर पद विहार करते हुए रात्रि विश्राम शहर से दूर 5 किलोमीटर पहले महावीर भवन में होगा, जहां झारखंड वनवासी मण्डल के भाई-बहनों द्वारा गुरु देव का पारम्परिक और आदिवासी तरीके से स्वागत वंदन और अभिन्दन किया गयाl इस अवसर पर अन्तर्मना ने सभी को बहुत-बहुत आशीर्वाद दिया और कहा कि झारखंड के आदिवासी समाज में जैन साधु के प्रति गुरु भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है। सभी का जैन मुनियों के प्रति श्रद्धा और भक्ति अपरंपार है। पांच मार्च को अंतर्मना संघ का रांची में भव्य प्रवेश होगा।













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