जीवन का उपसंहार यदि जैनेश्वरी दीक्षा लेकर किया जाता है तो उससे बड़ी बात इस जन्म कुछ नहीं हो सकती। इस पर भी संल्लेखनापूर्वक समाधि संत सान्निध्य में मिलना बहुत दुर्लभ है। यह उद्गार झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा ने मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज को विनयांजलि अर्पित करते हुए व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर….
अशोक नगर। जीवन का उपसंहार यदि जैनेश्वरी दीक्षा लेकर किया जाता है तो उससे बड़ी बात इस जन्म कुछ नहीं हो सकती। इस पर भी संल्लेखनापूर्वक समाधि संत सान्निध्य में मिलना बहुत दुर्लभ है। इसे पूर्व केंद्रीय मंत्री हम सबके चहेते बाबूजी विष्णुकुमार ने मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज बनकर प्राप्त की। मैंने जैन दर्शन की इस विशेषता के बारे में पढ़ा था लेकिन, हमारी झांसी में इसका साक्षात ये सब घटित होना बहुत बड़ी बात है। इससे पूरी झांसी गौरवान्वित हुईं है। यह उद्गार झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा ने मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज को विनयांजलि अर्पित करते हुए व्यक्त किए। इसके पहले विनयांजलि सभा का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज और मुनिश्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा, अशोक नगर करगु़आ तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री शिरोमणि जैन, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश रिछारिया ने किया।
परिवारजन भी सहयोगी बने
अंत में विनयांजलि सभा में मुनि श्री ने कहा कि आप चाहें तो अपने जीवन को सही राह पर ले जा सकते हैं और यही अपने जीवन के अंतिम चरण में विष्णु कुमार ने किया। उनके भाव बहुत अच्छे थे, उनकी भावना पिच्छिका ग्रहण करने की थी। परिवार जन भी सहयोगी बन गए। इस मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ कार्य अपने आप को खाली करते-करते हुए मुनि दीक्षा ग्रहण करना है, जो विष्णु सागर जी महाराज को प्राप्त हुई।
जीवन के मंदिर में कलश स्थापना की तरह है समाधि
सभा में अशोक नगर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि बाबू जी ने प्रदीप आदित्य के रूप में एक ऐसे बेटे को जन्म दिया। जिसने केंद्रीय मंत्री बनकर जैन समाज का नाम रोशन किया लेकिन, अंतिम समय में पिताजी ने जैनेश्वरी दीक्षा लेकर जैन समाज ही नहीं समूची मानव को गौरवान्वित किया। दीक्षा के साथ ही समाधि पूर्वक देह का त्याग मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। गौरव जैन एडवोकेट के कहा कि गृहस्थ को अपने जीवन को अपरिग्रह से परिपूर्ण करना है मुक्ति के रास्ते को आसान करने के लिए हम खाली होना होगा।
दृढ़ता है तो सब कुछ संभव है
विश्व संगठन के संजय जैन ने कहा कि मुनिश्री विष्णु सागर जी महाराज ने दृढ़ता के साथ संयम के मार्ग पर आगे बढ़ने का निर्णय किया। दृढ़ता है तो सबकुछ संभव है। ये बाबूजी ने वह किया। इस दौरान पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया, पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव अनेक पूर्व विधायकों सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने विनयांजलि अर्पित की।













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