समाचार

13 जनवरी से शुरू होगा पंचकल्याणक : महोत्सव तब होते हैं, जब पुण्य गाढ़ा हो जाता है- मुनि विमल सागर


 श्री आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र जिननाथपुरम, खुणादरी में मुनि विमल सागर, मुनि अनंत सागर, मुनि धर्म सागर, मुनि भाव सागर महाराज एवं आर्यिका पूर्णमति माताजी ससंघ के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी सम्राट भैया के निर्देशन में 13 से 19 जनवरी तक पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


डूंगरपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र जिननाथपुरम, खुणादरी में मुनि विमल सागर, मुनि अनंत सागर, मुनि धर्म सागर, मुनि भाव सागर महाराज एवं आर्यिका पूर्णमति माताजी ससंघ के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी सम्राट भैया के निर्देशन में 13 से 19 जनवरी तक पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बीते शुक्रवार को धर्म सभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि विमल सागर ने कहा कि आप लोगों के प्रबल पुण्य का उदय आ गया। श्रद्धा, समर्पण भक्ति के साथ इस कार्य को करना है, इस कार्य की खुशबू पूरे विश्व में फैल जाए। यह 511 वर्ष प्राचीन प्रतिमा है। 500 वर्ष बाद यह महोत्सव हो रहा है। यह महोत्सव जब होते हैं, जब पुण्य गाढ़ा होता है। धर्म की महिमा अपार है, संसार के दुखों से ऊपर जो उठा देता है वह धर्म है। सभी प्राणी जीना चाहते है। यह प्रतिमा महाअतिशयकारी होकर भारत की एक ही प्रतिमा है। इस क्षेत्र में रथोत्सव देखने को मिलेगा।

पूरे विश्व से दर्शन करने आएंगे लोग

वहीं मुनि भावसागर महाराज ने कहा कि यहां नवीन मंदिर में प्रभु की प्रतिमा विराजमान होगी। यहां भगवान कैसे बनते हैं, यह जीवंत दिखाया जाएगा। यहां गौशाला का भी निर्माण होगा। पूरे विश्व के लोग दर्शन करने आएंगे। यहां एक महिला पुलिस अधिकारी की मनोकामना पूर्ण हुई थी। यह अतिशयकारी प्रतिमा है। इस क्षेत्र के निमित्त से सभी को रोजगार मिलेगा। आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं, जो दर्शन हो रहे हैं। खुणादरी अब जिननाथपुरम नाम से जाना जाएगा। कोने में पहाड़ होने से खुणादरी कहते हैं। सभी गांव के लोगों का पुण्य होने से दर्शन हो रहे हैं तथा भावनाओं से दर्शन होगे। यहां 6 दिन तक मेला लगेगा, भीड़ आएगी। मुनिवर तपस्वी हैं, आए दिन यहां चमत्कार घटित होते रहते हैं। सभी धर्म के लोगों को ईश्वर के प्रति श्रद्धा रहती है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page