संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
अशोक नगर। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, विपिन सिंघई, सुलभ अखाई, हेमंत टडैया, सचिन एन.एस., टिकट जैन सहित अन्य प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। इसके पश्चात मुनिश्री को बैंड-बाजे के साथ पार्श्वनाथ मंदिर ले जाया गया, जहाँ महिला मंडलों ने कलशों से उनका स्वागत किया।
पार्श्वनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में पार्श्वनाथ मंदिर से मुनिश्री का भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। शोभायात्रा में सबसे आगे श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला के बच्चे धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। उनके पीछे युवा मंडल द्वारा दिव्य घोष वादन किया जा रहा था, तथा युवा वर्ग जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहा था। यह शोभायात्रा पछाड़ीखेड़ा रोड, एफ.ओ.वी. पुल, गांधी पार्क, भगवान महावीर मार्ग, आचार्य श्री विद्यासागर द्वार होते हुए सुभाष गंज पहुँची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन, आरती एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
आदिश्वर धाम में धर्मसभा एवं महाशांति धारा
शोभायात्रा आदिश्वर धाम, सुभाष गंज पहुँचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। मुनिश्री के सान्निध्य में जगत कल्याण की कामना से महाशांति धारा का आयोजन किया गया, जिसका सौभाग्य विजय धुर्रा परिवार—ओमप्रकाश, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार धुर्रा, राजेश कासल सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मुनिश्री के पाद-प्रक्षालन का सौभाग्य जैन समाज के मंत्री चक्रवर्ती राकेश कुमार एवं विवेक कुमार अमरोद को प्राप्त हुआ।
महावीर जन्म जयंती तक घर-घर गूंजेंगे भजन
इस अवसर पर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य मुनिश्री झांसी (उत्तर प्रदेश) से पदविहार करते हुए अशोक नगर पधारे हैं। वर्तमान में भगवान आदिनाथ से लेकर अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती तक का मंगलमय वातावरण घर-घर में भजनों के रूप में गूंज रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 30 तारीख को भगवान महावीर जन्म जयंती समारोह परम पूज्य मुनिश्री के सान्निध्य में मनाया जाएगा।
नियमित धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा
जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने जानकारी दी कि अब प्रतिदिन प्रातः 8 बजे अभिषेक एवं महाशांति धारा का आयोजन होगा तथा उसके पश्चात मुनिश्री के मंगल प्रवचन होंगे। सायंकाल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान जैन समाज के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय के.टी., संयोजक पार्श्वनाथ मंदिर मनोज रन्नौद, संयोजक गंज उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, विपिन सिंघई, टिंकल जैन, सुलभ अखाई, सचिन एन.एस., सौरव जैन, निर्मल मिर्ची, हेमंत टडैया, रवि ट्रेडिंग, विनोद मोदी, सौरव वाझल सहित अनेक प्रमुख जनों ने श्रीफल भेंट कर ग्रीष्मकालीन वाचन का निवेदन किया।
मुनिश्री का संदेश: आत्मपरिवर्तन ही सच्चा मार्ग
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक हमारे कर्म नहीं बदलेंगे, तब तक हम स्वयं नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि हमारे सामने भी भगवान प्रत्यक्ष नहीं आए, लेकिन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का सान्निध्य मिला और उसी के प्रभाव से जीवन में परिवर्तन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हम हैं, वह गुरुओं के आशीर्वाद का ही परिणाम है और यही आशीर्वाद वे सभी श्रद्धालुओं को देते हैं कि वे भी अपने जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति करें।
अशोक नगर के चातुर्मास की महिमा का किया स्मरण
मुनिश्री ने कहा कि अशोक नगर में मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का भव्य चातुर्मास हुआ था, जो यहां के श्रद्धालुओं के वर्षों के समर्पण और साधना का परिणाम था। उन्होंने कहा कि उस चातुर्मास की महक आज भी इस नगर की फिजाओं में व्याप्त है और यह यहां के धर्मप्रेम का प्रतीक है।













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