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दिगम्बर जैन परिषद का 39 वां राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ : आर्थिक समीकरण सुधारने पर बल दिया


अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद का 39 वां राष्ट्रीय अधिवेशन अनिल पारसदास जैन की अध्यक्षता में 2 मई को सानंद हुआ।अधिवेशन के पूर्व राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद का 39 वां राष्ट्रीय अधिवेशन अनिल पारसदास जैन की अध्यक्षता में 2 मई को सानंद हुआ।अधिवेशन के पूर्व राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। जिसमें उपस्थित सदस्यों ने अनिल पारसदास के अध्यक्ष पद पर हुए मनोनयन को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। परिषद् की अध्यक्ष मुक्ता राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर सुरेश जैन आइएएस द्वारा अनिल जैन को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। संस्था का परिचय देते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष अनिल ने कहा कि यह परिषद एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसका अपना स्वयं का भवन दिल्ली जैसे महानगर में स्थित है। आपने पंचकल्याणक पर होने वाले अपव्यय को रोककर उस राशि को जनकल्याणकारी कार्यों के उपयोग में लाने पर बल दिया। उन्होंने इस अवसर पर सभी प्रदेश अध्यक्ष व महिला परिषद के कार्यों की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने पदाधिकारी मंडल के 11 सदस्यों के नाम की घोषणा भी की। समारोह के मुख्य अतिथि सागर के विधायक शैलेन्द्र जैन ने इस अवसर पर कहा कि इस परिषद का 103 वर्ष पुराना संगठनात्मक इतिहास है।

जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चलने का आग्रह

संस्था ने समाज सुधार के ऐतिहासिक कार्य किए हैं। अपने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया व महिला वर्ग से परिषद को सशक्त बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे महिदपुर के विधायक दिनेश जैन ने जैन समाज को जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चलने का आग्रह करते हुए आर्थिक समीकरण सुधारने पर बल दिया। आपने समाज को संगठित होने व सभी समुदायों को एक साथ चलने की प्रेरणा दी। परिषद के सम्मान समारोह की परंपरा में शैलेन्द्र जैन विधायक सागर‌, सुरेश जैन आईएएस भोपाल तथा प्रांतीय अध्यक्षों में क्रमशः सुनील जैन सागर, अशोक जैन गुरुग्राम, सतीश जैन हरिद्वार, डॉक्टर अखिल बंसल जयपुर‌,सुनील जैन दिल्ली, जितेन्द्र जैन आगरा,प्रशांत जैन (युवा परिषद ) सागर को प्रतीक चिन्ह, माला, दुपट्टा एवं परिषद गौरव पुरस्कार डीआर जैन, एके जैन तथा आशा विनायका को प्रदान किया। परिषद का सर्वोच्च पुरस्कार परिषद शिरोमणि रत्न निवर्तमान अध्यक्ष चक्रेश जैन को व डॉ. जीवनलाल जैन को मरणोपरांत प्रदान किया गया।

नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए कदम उठाएं

द्वितीय सत्र में सभी प्रदेश अध्यक्षों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था की प्रगति व समाज में विद्यमान कुरीतियों के उन्मूलन हेतु कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सुनील जैन सागर ने जनगणना में जैन लिखने के लिए प्रेरित किया। सतीश जैन ने साधु संतों के आहार विहार के लिए युवकों को आगे आकर परिषद के साथ सहयोग करने पर बल दिया। डॉ.अखिल बंसल ने शिक्षा के क्षेत्र में परिषद को ठोस कार्ययोजना बनाकर नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। महिला परिषद की केंद्रीय अध्यक्ष निर्मला जैन ने नव नियुक्त अध्यक्ष को पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया और अधिवेशन में पधारे सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। प्रशांत जैन ने आगामी कार्यक्रमों में युवा वर्ग को परिषद से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया। डीआर जैन ने परिषद द्वारा विगत कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी पदाधिकारी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इन्होंने उपस्थित रहकर सहयोग किया

इस अवसर पर अन्य समागत प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रथम सत्र का मंच संचालन सुनील जैन दिल्ली और द्वितीय सत्र का संचालन प्रशांत जैन सागर ने किया। कार्यक्रम में उज्जैन से पधारे स्वामी जयंत कीर्ति ने परिषद में संख्या बढाने के लिए प्रेरित किया। इनके अतिरिक्त अशोक गोयल, सरला जैन, पुनीत जैन, रेनू जैन, नीरज जैन, सुभाष बड़जात्या, जिनेन्द्र जैन, सुरेन्द्र कुमार, सरला सामरिया,प्रभा जैन आदि देश भर से प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। ध्वजारोहण अनिल जैन, मंच उद्घाटन सुरेश जैन आइएएस, चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन समागत अतिथियों ने किया।

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