दिगंबर जैन सोशल ग्रुप परिवार अंबाह ने श्रद्धालुओं के लिए 29 दिसंबर को तीर्थदर्शन के लिए अंबाह से टिकटौली तक दो निःशुल्क बसों की सेवा की व्यवस्था की है। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से तीर्थस्थल के दर्शन का अवसर प्रदान करना और धार्मिक भावना को प्रोत्साहन देना है। अंबाह से पढ़िए, यह खबर…
अंबाह। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप परिवार अंबाह ने श्रद्धालुओं के लिए 29 दिसंबर को तीर्थदर्शन के लिए अंबाह से टिकटौली तक दो निःशुल्क बसों की सेवा की व्यवस्था की है। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से तीर्थस्थल के दर्शन का अवसर प्रदान करना और धार्मिक भावना को प्रोत्साहन देना है। इस निःशुल्क बस सेवा के संचालन में ग्रुप के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग उल्लेखनीय सिद्ध हो रहा है। सदस्य बस यात्रा की व्यवस्था में योगदान देकर इस धार्मिक एवं सामाजिक कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रयास से समाज में सेवा, एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलेगा। इस पुण्य कार्य में गुरुवार तक सहयोग देने वाले सदस्य राकेश जैन (तेल मिल वाले), संतोष जैन, अजय जैन (बल्लू), सुशील जैन, मनोज जैन, अमित जैन, कुलदीप जैन, मनीष जैन, पंकज जैन, विकास जैन पांडे, विकाश जैन, नितिन जैन (लवली), सोनू जैन (परेड़), आशु जैन (बरेह वाले), आकाश जैन पांडे और विजय जैन (दिहोली वाले)शामिल रहे।
धार्मिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार प्रमुख
इससे पहले बीती रात्रि दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर परेड चौराहे पर 29 दिसंबर को टिकटौली में आयोजित वार्षिक मेला महोत्सव की पत्रिका का विमोचन दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने किया। इस अवसर पर महामंत्री कुलदीप जैन ने बताया कि ग्रुप परिवार समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रम करता रहा है। उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रुप सदस्यों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से धार्मिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है और समाज में सेवा भाव और एकता की भावना विकसित होती है।
मानसिक संतुलन और सामाजिक एकता का मार्ग
तीर्थदर्शन के लिए बस सेवा से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और समाज में इस पहल की व्यापक प्रशंसा हुई है। ग्रुप के पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक और सेवा संबंधी कार्यक्रम नियमित रूप से किए जाएंगे। ग्रुप अध्यक्ष अमित जैन (टकसारी) ने कहा कि तीर्थ यात्रा न केवल धार्मिक अनुभव है, बल्कि यह आत्मा के शुद्धिकरण, मानसिक संतुलन और सामाजिक एकता का मार्ग भी है। तीर्थस्थलों पर दर्शन करने से व्यक्ति को अपने जीवन के उद्देश्य पर विचार करने का अवसर मिलता है और भक्ति, संयम एवं सेवा भाव की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि सामूहिक तीर्थयात्रा से समाज में सहयोग, भाईचारा और आपसी संबंध मजबूत होते हैं। इस प्रकार, तीर्थ यात्रा न केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति का साधन है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी संजोने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।













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