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धरियावद से मूंगाणा और पारसोला तक की पदयात्राः श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री सुनील सागर और वर्धमान सागर के दर्शन किए


धरियावद से मूंगाणा होते पारसोला तक की पदयात्रा बुधवार को की गई। इसमें बड़ी संख्या में युवा,महिलाएं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। एक दिवसीय यात्रा के दौरान आचार्यों और ससंघों के दर्शन का श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। पढ़िए धरियावाद से यह खबर…


धरियावद। नगर से मूंगाणा और पारसोला तक एक दिवसीय पदयात्रा की गई। धरियावद जैन समाज के सैकड़ों श्रावक और श्राविकाएं वात्सल्य मूर्ति मुनि 108 श्री पुण्यसागर जी महाराज का आशीर्वाद लेकर श्रीकुंथुसागर दिगंबर जैन नसियाजी मंदिर से बुधवार सुबह करीब 7 बजे पैदल रवाना हुए। नगर के विभिन्न चौक-चौराहों तथा महावीर मंदिर होते हुए गाजे बाजे के साथ भव्य जुलूस लसाड़िया चौराहे पर पहुंचा। यहां से पदयात्री अपने कदमताल करते हुए अतिशय क्षेत्र मऊ खूंता होते हुए दोपहर में मूंगाणा पहुंचे।

आशीर्वाद लिया मंदिरों में किए दर्शन

यहां विराजित प्राकृत ज्ञान केसरी आचार्यश्री सुनील सागर जी महाराज के संघ सहित दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने नगर के जिन मंदिरों के भी दर्शन किए। श्रद्धालुगण इस दौरान भक्ति भाव से भरे हुए थे। दर्शन के बाद सभी आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।

पारसोला में हुआ पदयात्रियों का स्वागत

मूंगाणा से पदयात्रियों ने पारसोला की ओर रवाना हुए। शाम 5 बजे बाद पदयात्री पारसोला पहुंचे। जहां स्थानीय समाजजनों ने उनका पुष्पवृष्टि कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र प्रभु के दर्शन कर वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के दर्शन लाभ लिए। शाम को धूमधाम से प्रभु और गुरु की भव्य आरती की गई।

पदयात्रा में बच्चों ने भी दिखाया उत्साह

बता दें कि स्व.पारसमल सरिया की प्रेरणा से धरियावद नगर से हर साल दिसंबर माह में पद यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष प्रतिष्ठाचार्य पं.हंसमुख जैन के निर्देशन में मूंगाणा और पारसोला में विराजित आचार्य संघों के दर्शन लाभ के लिए एक दिवसीय पदयात्रा की गई। इसमें पुरुष, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने भी हिस्सा लिया।

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