आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज ससंघ का 2023 का वर्षा योग उत्तर प्रदेश के बागपत बड़ौत में होना निश्चित हुआ है। आचार्य श्री का विहार भोपाल से बागपत के लिए हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज ससंघ का 2023 का वर्षा योग उत्तर प्रदेश के बागपत बड़ौत में होना निश्चित हुआ है। आचार्य श्री का विहार भोपाल से बागपत के लिए हुआ। आचार्य श्री सोनागिर, ग्वालियर,आगरा होते हुए बागपत बड़ौत पहुंचेंगे। आचार्य श्री का चातुर्मास होने से उत्तरप्रदेश जैन समाज में खुशी की लहर है।
अध्यात्मयोगी श्रमणाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज जी का संक्षिप्त जीवन परिचय
पूर्व नाम : बा.ब्र.श्री राजेन्द्र कुमार जी जैन(लला)
पिता का नाम : श्री रामनारायण जी जैन ( समाधिस्थ – मुनि श्री विश्वजीत सागर जी )
माता का नाम : श्रीमती रत्तीबाईजी जैन ( समाधिस्थ – क्षुल्लिका श्री विश्वमतिमाताजी )
जन्म स्थान : भिण्ड (म.प्र.),
गृह ग्राम : रूर
जन्म दिनांक : 18 दिसम्बर 1971
लौकिक शिक्षा: दसवीं
भाई / बहिन : 5
ब्रह्मचर्यव्रत:- 16 नवम्बर 1988 तीर्थक्षेत्र बरासौं जी
क्षुल्लक दीक्षा : 11 अक्टूबर 1989 , भिण्ड ( म . प्र . )
नामकरण : क्षुल्लक श्री यशोधर सागर जी
ऐलक दीक्षा : 19 जून 1991 , पन्ना ( म . प्र . )
मुनि दीक्षा : 21 नवम्बर 1991 कार्तिक सुदी पूर्णिमा
मुनि दीक्षा स्थल : तीर्थक्षेत्र श्रेयांसगिरि , जिला – पन्ना (म.प्र.)
नामकरण : मुनि श्री विशुद्धसागर जी
आचार्य पद : 31 मार्च 2007 महावीर जयंती स्थान औरंगाबाद ( महाराष्ट्र )
दीक्षा गुरु : परम पूज्य गणाचार्य 108 श्री विरागसागर जी महाराज
भाषाज्ञान : हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत
साहित्य सृजन : शताधिक आध्यात्मिक कृतियां
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा : लगभग 100













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