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मदर्स डे : पीड़ाओं को सहकर आंचल की छाया देती है माँ – डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर

माँ ही है, जो हमे दुनिया से नौ महीनों ज्यादा जानती है | मां के लिए कोई भी शब्द, लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा...

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तीर्थंकर महावीर और उनके द्वारा उपदेशित अहिंसा – डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

तीर्थंकर महावीर का उदय ऐसे समय में हुआ, जहाँ मानव क्रूर हिंसा की क्रिया में लिप्त था। हिंसा का बोलबाला था। आज भी जहाँ यह स्थिति परिलक्षित हो रही है इसे पाटने...

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मंथन: समाज को दिशा और प्रेरणा देते हैं जयंती पर्व- प्रियंका सेठी,किशनगढ़

बंधुओं…इस माह हम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाने जा रहे हैं। आज से हजारों-लाखों वर्ष पूर्व इन तीर्थंकरों...

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मंथन: भगवान महावीर

प्रस्तुति : तुष्टि जैनM.com DEl.Ed बालक महावीर का जन्म कहाँ हुआ था ?उत्तर – बालक महावीर का जन्म कुण्डग्राम (वैशाली) विहार में हुआ था। तीर्थंकर महावीर के...

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मंथन: भगवान आदिनाथ

प्रस्तुति : तृष्टि जैनM.com, D.El.Ed.} भगवान आदिनाथ के कुछ प्रचलित नाम बताइये।उत्तर – (1) श्री आदिनाथ जी, (2) श्री ऋषभनाथ जी, (3) श्री वृषभनाथ जी, (4)...

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मंथन: अंहिसा के प्रणेता वर्धमान महावीर

वर्तमान काल में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ़़ऋषभदेव से आरम्भ हो कर 24 तीर्थंकरों की यह परम्परा भगवान महावीर पर आकर समाप्त होती है। भगवान महावीर का जन्म...

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मंथन: आदि पुरूष भगवान ऋषभदेव

जैन पुराणों के  जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं असि, मषि, कृषि, विद्या...

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भगवान ऋषभदेव ने मानव जाति को स्वावलम्बन की कला सिखाई

-डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जैन परम्परा में मान्य चैबीस तीर्थंकरों की श्रृखंला में भगवान ऋषभदेव का नाम प्रथम स्थान पर है और अंतिम तीर्थंकर भगवान...

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महिला दिवस: हर दिन नारी दिवस मना लो

प्रियंका सेठी,किशनगढ़अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी आठ मार्च को दुनिया के सभी देश, चाहे वह विकसित हों या विकासशील, महिला अधिकारों की बात करते हैं। महिलाओं और...

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मन के विचार: बच्चों को धर्म से जोडें- श्रीमति हिमानी जैन,बांसवाड़ा

आज की युवा पीढी के बारे में कुछ कहना चाहती हूं। आज उनका आत्मविश्वास खत्म होता नजर आ रहा है। माता-पिता भी उनके आगे अपनी बात कहने से डरते है। सारी सुख सुविधाएं...

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