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भक्ति भाव से मना प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक : रंगोली बना केसरिया कपड़ा बिछाकर श्रीजी की आरती कर किया स्वागत 


 जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान का जन्म कल्याणक महामहोत्सव चौक मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। चौक मंदिर के मूल नायक आदिनाथ (ऋषभदेव) के जिनालय को दुल्हन की तरह सजाकर रंगोली बनाई गई एवं भगवान को नवीन पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से निकाली गई। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट…


भोपाल। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान का जन्म कल्याणक महामहोत्सव चौक मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। चौक मंदिर के मूल नायक आदिनाथ (ऋषभदेव) के जिनालय को दुल्हन की तरह सजाकर रंगोली बनाई गई एवं भगवान को नवीन पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से निकाली गई। श्रावकों द्वारा अपने घर के सामने रंगोली बनाकर एवं केसरिया कपड़ा बिछाकर श्रीजी की आरती कर स्वागत किया गया।

बच्चों ने मोहा मन

शोभायात्रा में सभी श्रावक धोती दुपट्टा पहनकर सम्मिलित हुए एवं भक्तिभाव से नृत्य करते हुए चंवर डुलाते हुए झूम-झूम कर भक्ति करते हुए आनंद ले रहे थे , साथ ही महिलाएं मंगल कलश लेकर चल रही थीं। छोटे छोटे बच्चे इंद्र-इंद्राणी का रूप धारणकर नृत्य कर रहे थे, साथ ही वीर विद्या संघ के बच्चों के द्वारा जय घोष श्रावको में जोश भर रहा था। शोभायात्रा में बालक आदिनाथ भगवान की एवं माता मरुदेवी की एक झांकी बनाई गई, उसमें माता मरु देवी अपने लल्ला को पालना झुलाते हुए खिलाते हुए चल रही थीं। यह झांकी सभी के मन को मुग्ध करने वाली थी। श्रीजी की शोभायात्रा चौक मंदिर से प्रारंभ होकर श्वेतांबर जैन मंदिर होते हुए चिंतामणि चौराहा सुभाष चौक लखेरा पूरा होते हुए पुनः चौक जैन मंदिर पहुंची।

इन्हें मिला सौभाग्य

शोभायात्रा के पश्चात आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक, शांतिधारा, ब्रह्मचारी अविनाश भैया जी के सानिध्य में प्रथम कलश ट्रस्ट के उपमंत्री संजय मुंगावली, दूसरा कलश सुधीर सुकांत दीपक सोगानी, तृतीय कलश तुभ्यम सुमन कटारिया, चतुर्थ कलश ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज प्रदीप बांगा ने इंद्र बनकर अभिषेक कर चढ़ाया। प्रथम शांतिधारा भरत- अंशु एवं द्वितीय शांतिधारा प्रकाश, अरविंद सुपारी ने की। पांडुक शिला पर विराजमान श्री जी की शांतिधारा करने का सौभाग्य राजकुमार ललित एवं अजय कुमार आशीष जैन परिवार को प्राप्त हुआ। समस्त धार्मिक क्रियाएं अविनाश भैया जी के निर्देशन में सम्पन्न हुईं। उसके पश्चात आदिनाथ भगवान की पूजन की गई। इसके अतिरिक्त एमपी नगर जवाहर चौक कुराना समसगद झिरनों मंदिर में भी आदिनाथ भगवान के अभिषेक शांतिधारा पूजन आदि कार्यक्रम ट्रस्ट द्वारा आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंत में मंदिर के समक्ष सभी श्रद्धालुओं को मिष्ठान वितरित किया गया।

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