इंदौर में दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आनंद गोधा ने पदभार संभालते ही समाज एकता, युवाओं को अवसर, मंदिर व्यवस्था सुधार और पारदर्शी कार्यप्रणाली को प्राथमिकता बताया। उन्होंने समाजहित में सभी को साथ लेकर चलने का संकल्प दोहराया। श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा जैन ने उनसे विशेष चर्चा की प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश—
इंदौर। दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आनंद गोधा ने पदभार संभालते ही समाजहित, संगठन सशक्तिकरण और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण को अपना संकल्प बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सामाजिक संसद केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने का सशक्त मंच बनेगी।
विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में समाज की एकता, युवाओं को अवसर, मंदिर व्यवस्थाओं में सुधार, संत सेवा तथा पारदर्शी कार्यप्रणाली प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाजजनों के विश्वास और वरिष्ठों के मार्गदर्शन से नई ऊर्जा के साथ कार्य किए जाएंगे।
श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा जैन ने उनसे विशेष चर्चा की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश—
श्रीफल जैन न्यूज : नई टीम के गठन में किन बातों को प्राथमिकता देंगे?
आनंद गोधा : हम वही कार्य पहले करेंगे जो समाज के लिए सर्वश्रेष्ठ होंगे। चुनाव की रणनीति अलग होती है, लेकिन अब समाज की एकता और अखंडता के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करेंगे। योग्यता, ईमानदारी और समाज सेवा की भावना को महत्व दिया जाएगा।
श्रीफल जैन न्यूज : इंदौर में पहले से कई संस्थाएं कार्यरत हैं, सामाजिक संसद की भूमिका क्या अलग होगी?
आनंद गोधा : सामाजिक संसद केवल पद देने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि कार्य आधारित जिम्मेदारी तय करेगी। हमारा मूल मंत्र रहेगा— सबका साथ, सबका सहयोग और समाज का उत्थान।
श्रीफल जैन न्यूज : अन्य संस्थाओं में पदस्थ लोगों को भी टीम में स्थान मिलेगा?
आनंद गोधा : यदि कोई व्यक्ति समाजहित में कार्य करना चाहता है, तो उसे अवसर दिया जाएगा। गुणी और सक्षम लोगों के अनुभव का लाभ समाज को मिलना चाहिए।
श्रीफल जैन न्यूज : नई टीम में नए चेहरों को मौका मिलेगा या अनुभवी लोगों को?
आनंद गोधा : हम वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा—दोनों का संतुलन रखेंगे। युवाओं को अवसर देकर भविष्य के नेतृत्व को तैयार किया जाएगा।
श्रीफल जैन न्यूज : क्या टीम में ईमानदार, योग्य और क्षमाशील लोग शामिल होंगे?
आनंद गोधा : दिगंबर जैन समाज की पहचान ही ईमानदारी, धर्मपरायणता और क्षमाशीलता है। हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसे व्यक्तित्वों को ही जिम्मेदारी दी जाए।
श्रीफल जैन न्यूज : क्या मंदिरों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों को भी स्थान मिलेगा?
आनंद गोधा : निश्चित रूप से। सभी दिगंबर जैन मंदिरों के पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर समाजहित में कार्य करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रीफल जैन न्यूज : क्या टीम केवल पद वितरण तक सीमित रहेगी?
आनंद गोधा : नहीं, हर पदाधिकारी को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। प्राथमिकताएं तय कर समयसीमा में कार्य पूर्ण किए जाएंगे।
श्रीफल जैन न्यूज : इंदौर समाज की पहली प्राथमिकता क्या होगी?
आनंद गोधा : धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर कार्य होगा। मंदिरों की व्यवस्थाओं में सुधार, पुजारियों की नियुक्ति, विकास कार्य और कर्मचारियों की उचित व्यवस्था की जाएगी।
श्रीफल जैन न्यूज : क्या किसी विशेष पंथ या वर्ग को प्राथमिकता मिलेगी?
आनंद गोधा : नहीं, सभी को समान अवसर मिलेगा। संतों की चर्या निर्विघ्न चले, इसके लिए इंदौर शहर के आसपास लगभग 60 किमी क्षेत्र में आहार, विहार और निहार की उत्तम व्यवस्था की जाएगी।
श्रीफल जैन न्यूज : क्या आपके आराध्य गुरुओं के संस्कार टीम में दिखाई देंगे?
आनंद गोधा : निश्चित रूप से। दिगम्बर साधुओं के संदेश, संस्कार और आशीर्वाद का प्रभाव हमारे कार्यों में स्पष्ट दिखाई देगा।
श्रीफल जैन न्यूज : समाज को क्या संदेश देना चाहेंगे?
आनंद गोधा : समाज अफवाहों पर ध्यान न दे। निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी बात रखें। हम ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे समाज की एकता और मान-मर्यादा को ठेस पहुंचे। समाज को धर्म आराधना और गुरु भक्ति के माध्यम से एकजुट रहना होगा।













Add Comment