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1श्री विहसंत सागर जी महाराज एवं मुनिश्री विश्वसम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश संग्रह के साथ त्याग करना भी है आवश्यक


मेडिटेशन गुरू उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज एवं मुनिश्री विश्वसम्य सागर जी महाराज ससंघ का चौबीसी मानस्तंभ शिलान्यास समारोह में मंगल सानिध्य प्रदान करने हेतु आगरा के शमशाबाद रोड़ स्थित बरौली अहीर के नवनिर्मित श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर बगदा पर बैण्ड बाजों के साथ 17 मई को प्रातःकाल की मेला में प्रथम बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जहां बड़ी संख्या में बगदा सकल जैन समाज ने उपाध्याय श्री का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर स्वागत किया। पढि़ए अनंत कुमार जैन की रिपोर्ट ……….


आगरा ।मेडिटेशन गुरू उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज एवं मुनिश्री विश्वसम्य सागर जी महाराज ससंघ का चौबीसी मानस्तंभ शिलान्यास समारोह में मंगल सानिध्य प्रदान करने हेतु आगरा के शमशाबाद रोड़ स्थित बरौली अहीर के नवनिर्मित श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर बगदा पर बैण्ड बाजों के साथ 17 मई को प्रातःकाल की मेला में प्रथम बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जहां बड़ी संख्या में बगदा सकल जैन समाज ने उपाध्याय श्री का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर स्वागत किया। मंगल आगवानी के बाद बगदा सकल जैन समाज एवं आगरा सकल जैन समाज ने उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के समक्ष श्रीफल एवं शास्त्रदान भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। उपाध्यायसंघ को बगदा में पाकर महिलाएं एवं पुरूष बडे़ उत्साहित हुए।

18 और 19 मई को चौबीसी मानस्तंभ शिलान्यास समारोह का आयोजन

उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अर्जन के साथ ही विसर्जन करना भी जरूरी है और संग्रह के साथ त्याग करना भी आवश्यक है लेकिन जोड़ते है और छोड़ते नहीं वह अवश्य डूब जाते है। पकड़ने की जो वासना है ,वही परिक्रय है।भारतीय संस्कृति है,वह त्याग प्रधान संस्कृति है ।देश में रोग की नहीं योग की पूजा होती है राखी नहीं त्याग की पूजा होती है। जीतना है ,उतना लौटाना हमारी संस्कृति है।

भगवान बाहुबली ने भरत को राज्य दिया और उन्हें लौटा दिया। भगवान राम ने लंका का राज्य जीता और विभीषण को लौटा दिया। श्री कृष्ण ने मथुरा का राज्य जीता और लौटा दिया ।आधुनिक काल से भी लाल बहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान से युद्ध जीता और जीती हुई जमीनों को लौटा दो। श्रीमती इंदिरा गांधी ने बांग्लादेशी युद्ध जीता और जमीन लौटा दी। जीतना और लौटाना हमारी संस्कृति है ,हमारी परंपरा है। इस देश में बाहरी जीत को भी कभी महत्व नहीं दिया ।मन्दिर के महामंत्री अनन्तकुमार जैन ने बताया कि मेडिटेशन गुरू उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज एवं मुनिश्री विश्वसम्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में नवनिर्मित श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर बगदा, बरौली, अहीर पर 18 और 19 मई को चौबीसी मानस्तंभ शिलान्यास समारोह का आयोजन होने जा रहा है।जिसके लिए बगदा सकल जैन समाज की तैयारियां जोर- शोर से चल रही हैं। सौभाग्यशाली परिवार दान देकर पुण्यार्जन कर सकते हैं। इस दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर आगरा की समग्र जैन समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर मन्दिर के अध्यक्ष सुधीर जैन,महांमत्री अनन्त कुमार जैन,मनोज जैन,महेश जैन,सुरेश जैन,अशोक जैन, जिनेन्द्र जैन,प्रदीप जैन,प्रभात जैन, सुमन जैन,संजय जैन,राजीव जैन, शुभम जैन,समग्र आगरा जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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