धार्मिक नगरी उज्जैन के मक्सी रोड स्थित ‘दर्शनगिरी तीर्थ’ में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। 19 अप्रैल को यहाँ भगवान महावीर स्वामी का भव्य ‘महामस्तकाभिषेक’ आयोजित किया जाएगा। उज्जैन से पढ़िए, यह रिपोर्ट…
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के मक्सी रोड स्थित ‘दर्शनगिरी तीर्थ’ में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। 19 अप्रैल को यहाँ भगवान महावीर स्वामी का भव्य ‘महामस्तकाभिषेक’ आयोजित किया जाएगा। जैन समाज के लिए यह गौरव का क्षण है क्योंकि यह आयोजन पूरे 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद होने जा रहा है।
एक साथ कई मंगलकारी अवसर
यह आयोजन केवल एक अभिषेक नहीं, बल्कि कई शुभ संयोगों का संगम है:
अक्षय तृतीया का पावन पर्व: इस दिन 1008 श्री आदिनाथ भगवान का आहार चर्या (पारणा) दिवस है।
पट्टाचार्य पद: पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज का प्रथम पट्टाचार्य पदारोहण दिवस भी इसी दिन मनाया जाएगा।
गुरु स्वप्न की पूर्ति: आचार्य श्री 108 दर्शन सागर जी महाराज के अधूरे स्वप्न और उनकी अंतिम कृति को साकार करने के लिए उनके शिष्य 108 श्री प्रणत सागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से यह महोत्सव संपन्न हो रहा है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
आयोजक ‘श्री दिगंबर जैन शांति निर्मल दर्शन गिरी प्रणत सागर समिति’ के अनुसार कार्यक्रम का समय इस प्रकार रहेगा:
महामस्तकाभिषेक: प्रातः 8 बजे से प्रारंभ।
वात्सल्य भोज: प्रातः 11 बजे से।
विशेष: प्रथम कलश एवं शांतिधारा के पुण्यवर्जक का चयन 19 अप्रैल को सभा के बीच ही किया जाएगा।
इन्होंने संभाली कमान
समिति के अध्यक्ष अश्विन कासलीवाल, सचिव नीरज सोगानी और कोषाध्यक्ष चेतन जैन (राणा) सहित पूरी टीम आयोजन को भव्य बनाने में जुटी है। सकल दिगंबर जैन समाज उज्जैन ने सभी गुरुभक्तों और धर्मप्रेमियों से इस पुण्यशाली अवसर पर दर्शनगिरी तीर्थ पधारने का भावपूर्ण आग्रह किया है।













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