उमंग महिला परिषद द्वारा ‘गांव की गौरी‘ थीम पर आधारित सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम का आयोजन चव रेस्टोरेंट में किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक ग्रामीण परिवेश, लोक-संस्कृति एवं मारवाड़ी जीवनशैली की सजीव झलक देखने को मिली। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। उमंग महिला परिषद द्वारा ‘गांव की गौरी‘ थीम पर आधारित सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम का आयोजन चव रेस्टोरेंट में किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक ग्रामीण परिवेश, लोक-संस्कृति एवं मारवाड़ी जीवनशैली की सजीव झलक देखने को मिली। ढोल-नगाड़ों की गूंज एवं सजी-धजी शाही बग्गी के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वहीं परिषद की सदस्याओं का ‘गांव की गौरी’ शैली में आत्मीय स्वागत किया गया। इससे संपूर्ण वातावरण ग्रामीण रंग-ढंग एवं उल्लास से सराबोर हो गया। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद की केंद्रीय मीडिया प्रभारी रुचि चोविश्या जैन ने बताया कि आयोजन के दौरान पारंपरिक खेल, मारवाड़ी तंबोला, घूमर नृत्य, सामूहिक नृत्य के साथ मंच पर प्रस्तुत हास्यपूर्ण प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। संगीता गंगवाल, नीता गंगवाल, प्रेरणा सोनी एवं विनी सोनी ने मंच पर आकर अपने अलग अंदाज़ की हंसी-ठिठोली और प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जिससे कार्यक्रम की रौनक और बढ़ गई। मारवाड़ी तंबोला के माध्यम से पूजा जैन एवं नम्रता अजमेरा ने पूरे वातावरण को पारंपरिक रंग में रंग दिया।
इन्होंने संभाली सराहनीय व्यवस्थाएं
परिषद की सचिव रिंकू अजमेरा एवं कोषाध्यक्ष दीपाली कासलीवाल का आयोजन की व्यवस्थाओं, समन्वय एवं संचालन में सक्रिय योगदान रहा। वहीं कार्यक्रम को सफल एवं मनोरंजक स्वरूप देने में नीता कासलीवाल की भूमिका उल्लेखनीय रही। तंबोला टिकट काउंटर की जिम्मेदारी मीना बिलाला, सविता बज एवं रीना गंगवाल ने कुशलतापूर्वक संभाली, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकीं। आयोजन को सफल बनाने में गांव की गौरी संयोजक टीम का विशेष योगदान रहा।
इनकी भी रही सराहनीय भूमिका
संयोजक टीम में नीता कासलीवाल, मोनिका कासलीवाल, रुचि चोविश्या जैन, ऋतु बज, शिल्पी छाबड़ा, स्वीटी झांझरी, सोनल पाटोदी, संध्या लुहाड़िया, दीपाली पाटनी, नेहा पाटनी, नेहा जैन एवं दीप्ति बाकलीवाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से कुछ समय निकालकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा आपसी स्नेह, सहयोग एवं आत्मीयता को सुदृढ़ करना रहा। जिसमें उमंग महिला परिषद पूर्ण रूप से सफल रही।













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