हाईकोर्ट इलाहाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आरके पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी बिल के नए प्रावधानों पर रोक को बड़ी जीत बताया है। लेकिन इसी के साथ उन्होंने जातिवादी काले कानूनों के खात्मे तक जंग जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए यूजीसी बिल पर मौन रहे सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों का सर्वकालिक सार्वजनिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है। प्रयागराज से पढ़िए, यह खबर…
प्रयागराज। हाईकोर्ट इलाहाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आरके पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी बिल के नए प्रावधानों पर रोक को बड़ी जीत बताया है। लेकिन इसी के साथ उन्होंने जातिवादी काले कानूनों के खात्मे तक जंग जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए यूजीसी बिल पर मौन रहे सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों का सर्वकालिक सार्वजनिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है। मीडिया से वार्ता में आरके पांडेय एडवोकेट ने कहा कि जातिवादी काले कानून जोकि भारतीय संविधान की मूल भावना समानता के सिद्धांत के विरुद्ध हैं तथा समाज विरोधी और देश विरोधी हैं। उनके संपूर्ण खात्मे तक वास्तविक आजादी की जंग जारी रहेगी।
अभियान पर ब्रेक लगाने से इंकार
यूजीसी पर सुप्रीम ब्रेक पर खुशी जताने के साथ आर के पांडेय ने जातिवादी काले कानूनों के विरुद्ध अभियान पर ब्रेक लगाने से इंकार करते हुए भारतीय आम जनमानस का आह्वान किया कि वे किसी भी सत्तारूढ़ और विपक्षी दल के झांसे में आने के बजाय अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ें तथा ऐसे सभी जातिवादी काले कानूनों का विरोध करें जा ेकि समाज और राष्ट्र के लोगों में विभेद करते हैं तथा योग्यता का हनन करते हुए जाति विशेष और वर्ग विशेष के नाम पर आतंक फैलाते हैं।
काले कानूनों और कार्य व्यवस्था के विरुद्ध जागरूक होने का आह्वान
बता दें कि वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आरके पांडेय के नेतृत्व में नागरिक अधिकार मंच के लगभग 3.5 (साढ़े तीन) लाख स्वयंसेवकों ने भारत वर्ष के आम जनमानस से जन संपर्क करके उन्हें यूजीसी बिल, एससीए टी एक्ट सहित सभी जातिवादी, वर्गवादी, विभाजनकारी काले कानूनों और कार्य व्यवस्था के विरुद्ध जागरूक करने का आह्वान किया है।













Add Comment