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मुमुक्षु कौशिककुमार की दीक्षा की मुख्य विधि में उमड़े समाजजन : वर्षीदान वरघोड़ा में लुटाई सांसारिक वस्तुएं, साधु-संत हुए शामिल 


मुमुक्षु कौशिककुमार की दीक्षा की मुख्य विधि रविवार सुबह 7 बजे से आरंभ हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। 50 से अधिक साधु-साध्वियों की उपस्थिति और सान्निध्य में हुए मुख्य कार्यक्रम में धर्ममय माहौल रहा। इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर…


इंदौर। मुमुक्षु कौशिककुमार की दीक्षा की मुख्य विधि रविवार सुबह 7 बजे से आरंभ हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। 50 से अधिक साधु-साध्वियों की उपस्थिति और सान्निध्य में हुए मुख्य कार्यक्रम में धर्ममय माहौल रहा। इससे पूर्व शनिवार को रेसकोर्स रोड स्थित उपाश्रय से शनिवार सुबह सिकंदराबाद के 21 वर्षीय मुमुक्षु कौशिककुमार खांटेड का वर्षीदान वरघोड़ा निकला। इसमें आचार्यश्री विजयपद्म भूषण रत्न सुरीश्वर, आचार्यश्री विजय जिनसुंदर सुरीश्वर एवं आचार्य श्री विजय धर्मबोधि सुरीश्वर सहित 50 से अधिक साधु-साध्वी भगवंत शामिल थे। इस दौरान सुसज्जित रथ पर सवार मुमुक्षु कौशिक ने गृहस्थ जीवन में काम आने वाली वस्तुएं लुटाईं। वरघोड़ा बास्टकेटबॉल स्टेडियम पहुंचा। समर्पण ग्रुप एवं युग प्रधान प्रवज्या महा महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में विभिन्न शहरों के समाजबंधु शामिल हुए।

इस अवसर पर विनोद जैन, रितेश जारोली, सोमिल कोठारी, मनीष शाह, यशवंत जैन, प्रकाश भटेवरा, कीर्ति भाई डोसी, प्रवीण गुरुजी, डॉ. हंसमुख गांधी, विकास गांधी, निमेष भाई शाह आदि मौजूद थे। समर्पण ग्रुप के अनिल मेहता, जयंती श्रीमाल, संजय गांधी एवं शैलेंद्र सुराना ने बताया कि मुमुक्षु कौशिककुमार की दीक्षा की मुख्य विधि रविवार सुबह 7 बजे से आरंभ हुई।

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