रविवार को आखिर वह पल ऐतिहासिकता की वह इबारत लिख गया, जो सदियों तक याद रखी जाएगी। एक साथ 10 दीक्षाथियों की जैनेश्वरी दीक्षा कार्यक्रम में आज हर हृदय करुणामय भक्ति से ओतप्रोत था। जैसे ही आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज ने दीक्षाथियों को दीक्षा प्रदान की तो जयकारों की गूंज दूर तक सुनाई दी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। इंदौर शहर का श्री दिगंबर जैन बाहुबली अतिशय क्षेत्र में रविवार को आखिर वह पल ऐतिहासिकता की वह इबारत लिख गया, जो सदियों तक याद रखी जाएगी। एक साथ 10 दीक्षाथियों की जैनेश्वरी दीक्षा कार्यक्रम में आज हर हृदय करुणामय भक्ति से ओतप्रोत था। जैसे ही आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज ने दीक्षाथियों को दीक्षा प्रदान की तो जयकारों की गूंज दूर तक सुनाई दी। रविवार को इस अवसर पर दीक्षार्थी ब्रह्मचारी सुनील भैया जयसिंगपुर महाराष्ट्र, बालब्रह्मचारी राजश्री दीदी छिंदवाड़ा, मीनू दीदी इंदौर, ट्विंकल दीदी एटा उप्र, जयश्री दीदी औरंगाबाद, ब्रह्मचारी रेखा दीदी औरंगाबाद, सविता दीदी भोपाल, कोकिला बेन को आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज ने दीक्षा संस्कार कर दीक्षा प्रदान की। दीक्षा के उपरांत नामकरण संस्कार किए।
आचार्य श्री विभवसागर जी ने दीक्षाथियों के नाम करण कर घोषणा की तो पांडाल में आचार्य भगवन की जय-जयकार गूंज उठी। सुनील भैया का नाम आचार्य श्री ने मुनि श्री विहारसागर जी महाराज पुकारा। उन्होंने क्रम से नाम की घोषणा करते हुए आर्यिका श्री आराधना श्री माताजी, आर्यिका श्री विराग श्री माताजी, आर्यिका श्री विचार श्री माताजी, आर्यिका विदश श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री विश्व प्रज्ञा श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री विद्याश्री माताजी, क्षुल्लिका श्री मंत्र श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री विभक्ति श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री विश्वविद्या श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री विरासत श्री माताजी नामकरण किया। इससे पूर्व दीक्षाथियों के धर्म और जन्म के माता-पिता और परिजनों ने नवमुनि और माताजी को पिच्छी, कमंडल और वस्त्र, माला, शास्त्र आदि भेंट किए।
दीक्षा से पहले आचार्य श्री ने दीक्षाथियों के परिजनों, उपस्थित समग्र समाजजनों से दीक्षा प्रदान करने की अनुमति मांगी। कार्यक्रम में सुबह केशलोंच हुआ। इसके बाद मंगल स्नान आदि के कार्यक्रम किए। कार्यक्रम में आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज, आचार्य श्री विशद सागर जी, सहित मुनि ससंघ मौजूद रहा।
इस अवसर पर इंदौर, भोपाल, सागर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि स्थानों से दिगंबर समाज के लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजक अशोक आशा पंचरत्न, आकाश पांड्या, सम्यक जैन, झांझरी परिवार, कुशलराज जैन पमपम, संदीप जैन मोयरा सरिया, हंसमुख जैन गांधी, राजेश जैन दद्दू सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।













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