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श्री इंद्रध्वज विधान में गूंजे जय जयकार — भक्ति से सराबोर हुआ आगरा : श्रद्धा, उत्साह और दिव्यता से नहाया आगरा — इंद्रध्वज विधान का अद्भुत नजारा


आगरा में श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अद्वितीय भक्ति, अर्घ्य अर्पण, भजनों और आरती से वातावरण श्रद्धा और आध्यात्म से सराबोर हुआ… पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। आचार्यश्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य एवं स्वर्गीय स्वरूपचंद जैन मारसंस की पावन स्मृति में बिमलेश कुमार जैन, ऊषा जैन, नितिन जैन, मेघना जैन, आदित्य जैन, अनुष्का जैन मारसंस परिवार द्वारा 24 अक्टूबर से एम.डी. जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड हरिपर्वत में श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो रहा है। यह आयोजन आगरा नगरी के जैन समाज के लिए भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है।

विधान के पांचवें दिन 28 अक्टूबर को सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। जिनेन्द्र देव के अभिषेक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कोलकाता से पधारे विधानाचार्य पंडित डॉ. आनंद प्रकाश जैन के सधे हुए मंत्रोच्चारण और मार्गदर्शन में इंद्र इंद्राणियों ने 458 चैत्यालयों में 458 जिन प्रतिमाओं के समक्ष अर्घ्य अर्पित किए।

विधान के मध्य आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि इंद्रध्वज महामंडल विधान भक्ति, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय संगम है। सायंकाल 458 चैत्यालयों में विराजमान जिन प्रतिमाओं की भक्ति एवं नृत्य आरती के साथ महाआरती सम्पन्न हुई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो उठा।

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