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औषधीय जड़ी बूटियों से प्राचीन जैन प्रतिमाओं का शुद्धिकरण : शुद्धिकरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया समाजजनों ने 


देश के लगभग 2 हजार जैन मंदिरों का एक साथ एक ही दिन और एक ही समय पर शुद्धिकरण संपन्न हुआ। आचार्य श्री नवरत्नसागरसूरिश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी मसा की प्रेरणा से 14 वर्षों से जिनालय शुद्धिकरण का पावन कार्य निरंतर मनावर में भी गतिमान है। मनावर से पढ़िए, यह खबर…


मनावर। देश के लगभग 2 हजार जैन मंदिरों का एक साथ एक ही दिन और एक ही समय पर शुद्धिकरण संपन्न हुआ। आचार्य श्री नवरत्नसागरसूरिश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी मसा की प्रेरणा से 14 वर्षों से जिनालय शुद्धिकरण का पावन कार्य निरंतर मनावर में भी गतिमान है। पर्यूषण पर्व के आने के पहले रविवार को शुद्धिकरण आयोजन तय रहता हैं। नवरत्न परिवार के अध्यक्ष आकेश नवलखा ने बताया कि अति प्राचीन भगवान की प्रतिमाओं का शुद्धिकरण विशेष औषधीय जड़ी बूटियों से युक्त चूर्ण और समुद्रीय फैन आदि के विशेष लेपन आदि क्रियाओं द्वारा विधि विधान से हुआ। मनावर श्वेताम्बर जैन समाज के श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर एवं श्री राजेंद्रसूरिजी जैन दादावाडी पर यह कार्य दो टीमों के साथ पूरे जिनालय की हर भाग की सफाई की गई। आरती एवं पूजन भी किया गया।

समाज के मिलींद फूलेरा, शेखर खटोड़, अमित नाहर, रितेश फूलेरा, सचिन भंडारी, मनीष चत्तर, संजय खटोड, राज खटोड, दिनेश काकरेचा, राहुल काकरेचा, अनमोल खटोड, अंकिता नाहर, मधु काकरेचा, कल्पना ललित खटोड, आशा ओरा आदि ने सेवाएं दी। नगर के जैन मंदिर के पुजारी निरंजन शर्मा और दादावाड़ी के पुजारी दिनेश राठौड़ का भी शुद्धिकरण में सहभागिता देने के लिए भेंट देकर अभिनंदन किया गया।

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Shreephal Jain News

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