झुमरीतिलैया में श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव पर जैन समाज ने दोनों मंदिरों में भक्ति भाव से पूजन, मस्तकाभिषेक और शांति धारा का आयोजन किया। समाज की महिलाओं ने 23 लाडू अर्पित किए और शहर भगवान के जयकारों से गूंज उठा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
झुमरीतिलैया। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण मोक्ष कल्याणक महोत्सव झुमरीतिलैया जैन समाज द्वारा श्रावण शुक्ल सप्तमी के पावन अवसर पर अत्यंत धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही समाजजन दो मंदिरों में आयोजित पूजन-विधान में सम्मिलित हुए। भगवान के जयकारों से मंदिर और नगर गुंजायमान हो गया। बड़े मंदिर में मस्तकाभिषेक और विश्व शांति धारा का पाठ किया गया।
यह वही तिथि है जब भगवान पार्श्वनाथ ने सम्मेद शिखरजी पर्वत पर मोक्ष की प्राप्ति की थी। समाज के मंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, उपमंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को भगवान के उपसर्गपूर्ण जीवन से शिक्षा लेने की प्रेरणा दी।
23 निर्वाण लाडू भक्ति भाव से अर्पित किए
पूजन में अजय प्रसम जैन सेठी परिवार को निर्वाण लाडू चढ़ाने, विजय जैन सेठी परिवार को शांति धारा, और अन्य प्रतिष्ठित परिवारों को प्रथम अभिषेक और सेवा का सौभाग्य मिला। समाज की महिलाओं ने अपने हाथों से बनाए 23 निर्वाण लाडू भक्ति भाव से अर्पित किए। इनमें करिश्मा जैन छाबड़ा, रिंकू जैन गंगवाल,सरिता जैन ठोलिया, नीलम जैन सेठी, सरोज जैन पटौदी, संगीता जैन झांझरी, कुसुम जैन कासलीवाल, प्रिया निधि जैन, ममता जैन सेठी सहित कई महिलाओं ने लाल साड़ी पहनकर भगवान को लाडू अर्पित किए।
छाबड़ा परिवार ने लाडू किया अर्पण
नया मंदिर (पानी टंकी रोड) में राज मीरा जैन छाबड़ा, निर्मल जैन, विकास-नेहा बड़जात्या, विनीत जैन सेठी, सुनील रानी जैन छाबड़ा परिवार ने लाडू अर्पण किया। शांति धारा का सौभाग्य शिक्षक सर्वेश जैन एवं प्रदीप-मीरा जैन छाबड़ा परिवार को मिला। इस शुभ आयोजन की जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन एवं राजकुमार जैन अजमेरा ने दी। समाज में भक्ति और सेवा की यह परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है।













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