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2024 चातुर्मास में माधुरी हथनी ने वातावरण को भक्तिमय बनाया था : मुनि श्री सिद्ध सागर जी ने धर्मसभा में माधुरी का स्मरण किया


मुनि श्री सिद्ध सागर महाराज जी ने नांद्रे में अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के नांदणी 2024 चातुर्मास में माधुरी हथनी ने भी अपनी उपस्थिति से पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाया था। नांद्रे से पढ़िए, यह खबर…


नांद्रे। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि पट्टाचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्री श्रुतसागर जी महाराज भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर विराजमान हैं। मुनि श्री सिद्ध सागर महाराज जी ने नांद्रे में अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के नांदणी 2024 चातुर्मास में माधुरी हाथीनी ने भी अपनी उपस्थिति से पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाया था। हमारे नांदणी मठ में 35 साल से रहने वाली माधुरी हथनी को नांदणी से ले गया है। जिसके कारण हमारे नांदणी में रहने वाले लोगों और हमारी हथनी माधुरी को बहुत कष्ट सहन करना पड रहा है लेकिन, इतिहास गवाह है कि सज्जन लोगों को सताने पर उन्हें कष्ट पहुंचाने पर परिणाम बहुत गलत निकलता है।

पता होना चाहिए कि जैन समाज सज्जन समाज है, जो रोड पर तड़पती गायों के लिए हजारों से ज्यादा गोशाला खोल सकते हैं। जो अनाथ बच्चों के लिए आश्रम खोल सकते हैं। जो वृद्ध लोगों के लिए वृद्धाश्रम खोल सकते हैं। जो कोरोना जैसी महामारी के आने पर घर -घर गरीबों के यहां भोजन दे सकते हैं। ऐसी समाज क्या एक हाथी का ख्याल नहीं रख सकती?

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Shreephal Jain News

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