इंदौर के मां कनकेश्वरी देवी शासकीय कॉलेज नंदा नगर की प्रोफेसर डॉ. प्रगति जैन, गणित को लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्रंटियर्स ऑफ इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग थ्योरी एंड एप्लीकेशन पर अपने शोध पत्र विषय ‘एक्सनेलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- स्यादवाद लॉजिक’ विषय पर चालीस देशों के प्रतिभागियों बीच में बेस्ट पेपर का अवार्ड दिया गया। यहां संस्था प्राचार्य ने भी उनका सम्मान कर बधाई दी। इंदौर से पढ़िए, रुचि चौविशिया की यह खबर…
इंदौर। नगर के मां कनकेश्वरी देवी शासकीय महाविद्यालय नंदा नगर की प्रोफेसर डॉ. प्रगति जैन, गणित को लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्रंटियर्स ऑफ इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग थ्योरी एंड एप्लीकेशन पर अपने शोध पत्र विषय ‘एक्सनेलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- स्यादवाद लॉजिक’ विषय पर चालीस देशों के प्रतिभागियों बीच में बेस्ट पेपर का अवार्ड दिया गया। उन्होंने अपने शोध पत्र के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्ता को आधुनिक तकनीक में महत्वपूर्ण माना। उनका मानना था कि भारतीय दर्शन के स्यादवाद सिद्धांत कोई यदि एआई. से जोड़ दिया जाए तो आधुनिक तकनीक के परिणाम नैतिकता को संबल प्रदान करेंगे। डॉ. प्रगति जैन के अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि के अवसर पर बधाई ज्ञापित करने के लिए संस्था के प्राचार्य डॉ.देवेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि यह हमारी संस्था एवं इंदौर के लिए गर्व कि बात है।
भारतीय ज्ञान परंपरा एक ऐसी परंपरा है जो सभी विषयों को अपने में समाहित कर लेती है। अब भारतीय ज्ञान परंपरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश को ज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही हैं। संचालन डॉ. जीआर मोरे ने करते हुए कहा कि प्राचीन समय से ही भारत का ज्ञान के क्षेत्र में डंका बज रहा है और आज भी भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व परिदृश्य में अपनी पहचान सबसे अलग रखती हैं। इसे बढ़ावा देने में हम सबका योगदान होना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय नंदा नगर के सभी प्राध्यापकगण डॉ. स्मिता चौतन्य, डॉ. अंजलि पाल, डॉ. पुष्पा पठोदे, डॉ. बाऊ पटेल, डॉ. हितेंद्र बारगल, निशांत मिश्रा, डॉ.प्रियंका डलवानी, क्रीड़ा अधिकारी डॉ.बबीता अग्रवाल, प्रो. ईश्वरी मुकाती, प्रो पायल कायस्थ, डॉ.शिल्पा सिंह कार्यालय प्रमुख निलेश गहलोत आदि ने बधाई दी।













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