गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। गींगला से पढ़िए, लक्ष्मीलाल चंपालाल जैन (बंबोरिया) की यह खबर…
गींगला। गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। वर्षायोग के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के लिए सकल दिगंबर गींगला की ओर से समाजजनों से अनुरोध किया गया है कि पुनीत कार्यक्रम में पधारकर पुण्यार्जन करे। हमें सेवा का अवसर प्रदान करें।
इस तरह मिलते हैं आवागमन के साधन
समाजजनों ने बताया कि मुम्बई से गीगंला के लिये पांच स्लीपर कोच बस प्रतिदिन चलती है। अहमदाबाद से गीगंला ट्रेवल्स की दो बसें चलती हैं। सूरत वाया गीगंला सीधी एक बस चलती है। जयपुर से वाया गींगला-सलुम्बर-बांसवाडा गोयल ट्रेवल्स की एक बस चलती है। ट्रेन मुम्बई-बांद्रा-उदयपुर निम्बाहेड़ा स्टेशन पर उतरकर डेढ़ घंटे में गीगंला पहुंचा सकते हैं।
ट्रेन से भी इस तरह पहुंच सकते हैं गींगला
मुम्बई अहमदाबाद से उदयपुर चलने वाली रेल गाड़ियों से आने पर डींगरी (जय समुद्र) स्टेशन पर उतरकर कर डेढ घंटे में गीगंला पहुंचा जा सकता है। उदयपुर से वाया कुराबड बम्बोरा हर एक घंटे बाद सूरज पोल से आगे हनुमान मन्दिर से बसें मीलती हैं जो ढाई घंटे में गींगला पहुंचा देती है। उदयपुर से वाया झामेश्वर महादेव जगत गींगला आने वाली बसें कृषि मंडी गेट के सामने से मिलती हैं। भींडर से वाया बंबोरा डेढ़ घंटे में पहुंचती है। सलुम्बर से गीगंला 22 किमी है। हर एक आधे घंटे में बस टेम्पो मिलते हैं। यहां भोजन, आवास, चाय, दूध, नाश्ते की समुचित व्यवस्था स्थानीय समाज ने की है। समाजजनों ने आह्वान किया कि चातुर्मास के दौरान पधारकर पुण्यार्जन प्राप्त करें।













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