आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस समाजजनों ने भक्तिभाव से मनाया। दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन आदि ने पंचामृत अभिषेक किया। आचार्य श्री के सामूहिक पूजन में अर्घ्य और नेवैद्य समर्पित किए। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। निमाड़ की माटी के लाल नगर गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस समाजजनों ने भक्तिभाव से मनाया। इस अवसर पर दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में प्रातः 7 बजे से नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन सहित सभी समाजजनों ने भव्य पंचामृत अभिषेक किया। आचार्य श्री के सामूहिक पूजन में अर्घ्य और नेवैद्य सुनील पांवणा, रदेश जैन, सुनील मास्टर साहब ने समर्पित किए। सभी भक्तों ने आचार्य श्री के चित्र के समक्ष भक्ति की। जैसा कि सभी को ज्ञात है कि आज आचार्य शांतिसागर जी के चरित्र को चरितार्थ कर पूरे विश्व में उनकी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। आप एक ऐसी शान एक ऐसी विभूति जिन्होंने एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन बार बाहुबली भगवान के महा मस्तकाभिषेक करवाया। लोग एक बार जाने को तरसते हैं कि एक बार गोमटेश्वर बाहुबली भगवान के दर्शन हो जाए लेकिन, जब भी इतिहास लिखा जाएगा। जब-जब बाहुबली भगवान के साथ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का नाम भी लिखा जाएगा। एक ऐसे आचार्य, जिन्होंने एक साथ तीन-तीन बार भगवान बाहुबली के पंचकल्याणक महा मस्तकाभिषेक कराने का सौभाग्य प्राप्त किया है। ऐसे आचार्य का गुणगान करना अतिशयोक्ति नही होंगी।
36 वर्ष पूर्व आज ही के दिन तिथि के अनुसार आषाढ़ सुदी दूज और 24 जून 1990 को पारसोला राजस्थान में आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज ने आचार्य पद प्रदान किया था। आप वर्तमान में स्वस्ति धाम जहाजपुर में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। इस अवसर पर साक्षात उपस्थित होकर वारिश जैन, वीरेंद्र मुंशी, सुरेंद्र पाटनी, पुष्पा जैन, हीरामणी भूच, अंजू पाटनी, ज्योतिबाला धनोते, चंदा पाटनी आदि समाजजनों ने अपनी विनयांजलि समर्पित की।













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