राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े से राजभवन में भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा पश्चिम बंगाल प्रांत संयोजक साहिल जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। इसमें साधु-संतों की सुरक्षा सहित 6 सूत्रीय मांगों के बारे में चर्चा की गई। राज्यपाल ने सभी मांगों के बारे में सुना और सकारात्मक रुख रखते हुए इन्हें हल करने का भरोसा दिया। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े से राजभवन में 9 जून को जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने विशेष भेंट की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल से समग्र जैन समाज भारत संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा पश्चिम बंगाल प्रांत संयोजक साहिल जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। राज्यपाल का स्वागत एवं अभिनंदन करने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने जैन समाज से जुडे़े गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। विशेष रूप् से विभिन्न राज्यों राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मप्र में हाल ही में जैन साधु-साध्वियों की संदिग्ध सड़क दुर्घटनाओं और हत्याओं को लेकर गहरी चिंता प्रकट की गई।
समाज का कहना है कि इनमें से कई घटनाएं सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास प्रतीत होती हैं, फिर भी पुलिस ने न तो निष्पक्ष जांच की और न ही एफआईआर दज्र की। प्रतिनिधि मंडल ने 6 सूत्रीय मांगों को राज्यपाल के सामने रखा। इनमें सीबीआई या एसआइ्टी से जांच, पदयात्रा के दौरान सुरक्षा, साधु-साध्वियों को विशेष धार्मिक संत का दर्जा, धार्मिक संत सुरक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना, संदिग्ध घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दो जैन मुनियों मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज, मुनिश्री जयकीर्ति जी महाराज को राज्य अतिथि घोषित करने की मांग शामिल थी। राज्यपाल ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और यथा संभव आवश्यक कदम उठाने का आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। जैन समाज ने इस भेंटवार्ता को सकारात्मक पहल बताया।













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