समाचार

मंत्रोच्चारण से किया गया ध्वज पूजन: पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव हुआ आरंभ, 6 मार्च तक चलेगा


अयोध्या में दिगंबर जैन मंदिर रायगंज में शनिवार को साध्वी ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में मंत्रोच्चार संग ध्वज पूजन किया गया। सिद्ध भगवंत की 727 जिन प्रतिमाएं विराजमान होंगी। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 2 मार्च से 6 मार्च तक राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा। पढ़िए अयोध्या से दीपक प्रधान की यह खबर…


अयोध्या। दिगंबर जैन मंदिर रायगंज में शनिवार को साध्वी ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में मंत्रोच्चार संग ध्वज पूजन किया गया। गणनानी प्रमुख ज्ञान मति माता ने कहा कि भारतकी प्राचीनतम संस्कृति में यह अयोध्या नगरी प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदि पांच भगवंत की भी जन्मभूमि है। ऐसी महान तीर्थ भूमि पर जैन धर्म के अनेक जिन मंदिर अयोध्या के विभिन्न स्थानों पर दर्शनीय एवं वंदनीय हैं। इन जिन मंदिरों में रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर बड़ी मूर्ति का परिसर 6 एकड़ विशाल प्रांगण में अपनी आदित्य हवा बिखरता हुआ जैन धर्म की प्राचीनता इसके इतिहास को जग जाहिर कर रहा है। यहां 31 फीट की भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा होने से इस तीर्थ को बड़ी मूर्ति के नाम से जन-जन में पहचाना जाता है। कमेटी के अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्र कीर्ति स्वामी ने बताया कि जैन धर्म का यह चिन्ह माना जाने वाला तीन लोग का स्वरूप बनकर प्रकट हुआ।

महोत्सव में जैन साध्वी ज्ञानमती माता का सानिध्य मिलेगा
सिद्ध भगवंत की 727 जिन प्रतिमाएं विराजमान होंगी। भगवत ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक की अन्य 1008 प्रतिमाओं का भी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 2 मार्च से 6 मार्च तक राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा। महोत्सव में जैन साध्वी गणनानी प्रमुख ज्ञानमती माता के दिव्य सानिध्य में संपन्न होगा। संपूर्ण कार्यक्रम को आर्यिका चंदना मति माताजी का मार्गदर्शन मिलेगा। कमेटी ने आचार्य श्री भद्रबाहु सागर महाराज को ससंघ आमंत्रित किया है। क्षुल्लक ध्यान सागर एवं श्रवणबेल गोला के भट्टारक स्वस्ति श्री चारुकीर्ति महाराज भी अपना सानिध्य प्रदान करेंगे।

इस तरह होंगे समारोह में कल्याणक
एक साथ 1800 प्रतिमाओं के गर्भकल्याणक, जन्म कल्याणक, दीक्षा कल्याणक, केवल ज्ञान कल्याणक और मोक्ष कल्याणक के साथ इन सारी प्रतिमाओं का मंत्र उपचार एवं पूर्ण विधि विधान के साथ 6 मार्च को सुबह भगवान का स्वरूप प्राप्त होगा और 3 मार्च को जन्मकल्याणक मनाया जाएगा। 5 मार्च को भगवान को ज्ञान प्राप्त करने वाले दिव्य आत्माओं के समान भगवान को केवल ज्ञान की प्राप्ति होगी। 6 मार्च को मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page