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आचार्य श्री विद्या सागरजी के प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा: 48 दीपों से दिव्य आरती की गई


आचार्य श्री विद्या सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा की गई। जैन समाज के लोगों ने आचार्यश्री को अपनी विनयांजलि प्रस्तुत की। 48 दीपकों से आचार्यश्री के भजनों की प्रस्तुति दी गई। संगीत के साथ भक्तामर पाठ के माध्यम से भगवान श्री आदिनाथ की आराधना की गई। पढ़िए इंदौर से यह खबर…


इंदौर। शहर के श्री पद्मप्रभु दिगंबर जैन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट वैभव नगर जैन मंदिर में आचार्य श्री विद्या सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने आचार्यश्री को अपनी विनयांजलि प्रस्तुत की और 48 दीपकों से आरती की गई। भक्तामर का पाठ किया गया। आचार्यश्री के समक्ष भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों की धुन पर संगीत के साथ भक्तामर पाठ के माध्यम से भगवान श्री आदिनाथ की आराधना श्रावक-श्राविकाओं ने की।

विनयांजलि सभा में समाज अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री श्रीपाल जैन, कमलेश जैन सहित बड़ी संख्या में दिगंबर जैन समाज जनों की उपस्थिति रही। विनयांजलि के माध्यम से आचार्य श्री, उनकी साधना और उन्होंने समाज, देश, विश्व कल्याण के लिए जो कार्य किए। उन पर प्रकाश डाला। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के गुणानुवाद करते हुए समाजजन भावुक भी हो रहे थे। इस अवसर पर आचार्यश्री के जयकारों से वैभवनगर जैन मंदिर गूंज उठा।

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