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आर्थिक विकास को गति देगा बजट टैक्सपेयर को मिलेगी राहतः कर कानून के जानकारों ने सरकार के बजट को सराहा


वित्त मंत्री सीतारमण ने शनिवार को वार्षिक बजट पेश किया। इस बजट को लेकर अलग-अलग वर्गों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कर कानून के जानकारों ने बजट को करदाताओं के लिए राहतदायी बताया है। वहीं देश की विकास दर को बढ़ाने वाला बताया है। पढ़िए ललितपुर से राजीव सिंघई की यह विश्लेषणात्मक खबर…


ललितपुर। आम बजट पर नगर के सीए संजीव जैन ने कहा कि यह बजट आम आदमी की खर्च करने की क्षमता को मजबूत करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा। सरकार का लक्ष्य निजी निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू बाजार को सशक्त बनाना और मध्यम वर्ग को राहत देना है। इसमें इनकम टैक्स को लेकर कई घोषणाएं की गईं। सबसे बड़ी घोषणा इनकम टैक्स में छूट को लेकर रही। सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि इसका लाभ उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा, जो इनकम टैक्स की नई व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करेंगे।

इस तरह हुआ नया इनकम टैक्स स्लैब

: 0-12 लाख की आय-0 प्रतिशत टैक्स

: 12-15 लाख की आय-15 प्रतिशत टैक्स

: 15-20 लाख की आय-20 प्रतिशत टैक्स

: 25 लाख से अधिक की आय-30 प्रतिशत टैक्स

 पुरानी टैक्स व्यवस्था वालों को बजट में निराशा

इस बार बजट से टैक्सपेयर्स को काफी उम्मीदें थीं। माना जा रहा था कि पुरानी और नई, दोनों तरह की इनकम टैक्स व्यवस्थाओं में टैक्सपेयर्स को कई छूट और कटौती दी जा सकती हैं। चूंकि इनकम टैक्स में छूट की घोषणा नई व्यवस्था के तहत की गई है। ऐसे में पुरानी टैक्स व्यवस्था वालों को बजट से निराशा मिली है। वहीं अब पिछले 4 साल का आईटी रिटर्न एक साथ फाइल कर सकेंगे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीसी की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर अब 1 लाख कर दी गई है। 10 प्रमुख क्षेत्र पर रहेगा फोकस। बजट 2025-26 में सरकार ने 10 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इनमें गरीब, युवा, किसान और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।

अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत रहेगी

कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को विकास के इंजन के रूप में उभारा गया है। किसानों को मिलेगा सस्ता कर्ज सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इससे किसानों को कम ब्याज दर पर कर्ज मिल सकेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत रहेगी। बजट से पहले शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया. सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की जीडीपी 6.3-6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी।

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