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मकराना मार्बल से बना है भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का मंदिर: 5 फरवरी तक होंगे भगवान के पंच कल्याणक


श्री 1008 भगवान मुनि सुव्रतनाथ जी की नए कलात्मक जिन मंदिर शिखर के साथ मकराना मार्बल से आढीव पंढरपुर में निर्माण हुआ है। इसका पंच कल्याण महोत्सव 1 से 5 फरवरी तक मनाया जाएगा। इसमें 40 से अधिक साधु-साध्वियों का सानिध्य प्राप्त होगा। आयोजन की तैयारियां की जा रही है। पढ़िए पंढरपुर से अभिषेक अशोक पाटील की खबर…


पंढरपुर(महाराष्ट्र)। श्री 1008 भगवान मुनि सुव्रतनाथ जी की नए कलात्मक जिनमंदिर शिखर के साथ मकराना मार्बल से आढीव पंढरपुर में निर्माण हुआ है। लोहे-लकड़ी की बजाय मकराना पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। मंदिर के आयाम, लंबाई और चौड़ाई 40 गुणा 80 फीट है। धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ आढीव पंढरपुर का भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी जैन मंदिर एक अद्भुत वास्तुशिल्प कृति है। जिसका पंच कल्याणक महोत्सव 1 से 5 फरवरी 2025 तक मनाया जाएगा।

मुनिसंघ और त्यागियों की उपस्थिति में होगा आयोजन

डॉ. शीतल शहा, पंढरपुर ने बताया कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ 30 पिच्छी के सानिध्य में आढीव पंढरपुर में पंचकल्याणक महोत्सव मनाया जा रहा है। 1 से 5 फरवरी तक आढीव पंढरपुर में होने वाले कार्यक्रम की डॉ. शीतल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पंचकल्याणक महा महोत्सव चर्याशिरोमणी आचार्यश्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ एवं आचार्य श्री सुयशसागर जी ससंघ और अन्य त्यागीगण के सानिध्य में स्वस्ति श्री देवेंद्रकीर्तिजी भट्टारक स्वामीजी (हुमचा),स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक स्वामीजी (नांदणी), स्वस्तिश्री लक्ष्मीसेन भट्टारक स्वामीजी (कोल्हापुर), स्वस्तिश्री चारु कीर्ति भट्टारक स्वामीजी(श्रवणबेलगोल) की मंगल उपस्थिति में हो रहा है।

इन्होंने लिया माता-पिता बनने का सौभाग्य

डॉ.शीतल शहा और सुषमा शहा जी तीर्थंकर माता-पिता बने हैं। श्री वर्धमान शहा और वैजयंती शहा इंद्र-इंद्राणी बने हैं। सुदीप शहा और सांत्वना शहा धनपति कुबेर बने हैं। पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां जोर से की जा रही हैं। विशाल पांडाल लगाया जा रहा है।

पंचकल्याणक महोत्सव में ये रहेंगे आयोजन 

1 फरवरी को सुबह 6 बजे, शोभायात्रा और घट यात्रा निकाली जाएगी। जहां मंडप शुद्धि, ध्वजारोहण आदि मांगलिक क्रियाएं होंगी। धन्यकुमार शहा और सुनीता शहा द्वारा ध्वजारोहण एवं मंडप उदघाटन होगा। गर्भ कल्याणक मनाया जाएगा। 2 फरवरी को जन्म कल्याणक के पांडुशिला पर तीर्थंकर बालक का 1008 कलशों से अभिषेक होगा। रात्रि में नामकरण विधि में तीर्थंकर बालक का पालना झुलाया जाएगा। 3 फरवरी 2025 को तप कल्याणक मनाया जाएगा। सुबह उपनयन संस्कार और दोपहर 56 देश के राजा द्वारा नजाराना अर्पण किया जाएगा। 4 फरवरी को केवल ज्ञान कल्याणक के अवसर पर सुबह भगवान को आहार दान दिया जाएगा। 5 फरवरी को निर्वाण कल्याणक पर 1008 कलश से महाभिषेक होगा। आढीव पंढरपूर पंचकल्याण महोत्सव में 40 साधु-साध्वी सहित 5 हजार गुरु भक्त पधारेंगे। भारत की पावन वसुंधरा पर अनेकों ऋषि-मुनियों ने अपनी पावन चरण धुलि से इस वसुमति को पवित्र किया है और समाज को एक नई दिशा प्रदान की है।

आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के विश्व रिकार्ड

विचित्र बाते प्रणेता मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी ने आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के विश्व रिकॉर्ड के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आचायश्री ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (कर्म विपाक कृति केशर से लिखने पर)। लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (1201काव्यों के1100 पृष्ठीय ‘वस्तुत्व महाकाव्य’ पर)। यूएसए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (सर्वाधिक पंचकल्याणक के लिए) बनाया है। डी लिट उपाधि ब्रिटिश नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ क्यून मेरी अमेरिका की ओर से दी गई और डाक टिकट वर्ष 2021-24 के लिए डाक विभाग ने प्रकाशित किया)।

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