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बीलवा में हुआ अंतिम संस्कार : आर्यिका श्री निरंजन मती माताजी ( श्रेयांसमती माताजी ) का समाधिमरण


परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमती माताजी की प्रमुख शिष्या, मध्यलोक सृजनिका , शिष्योत्तमा श्रमणी , परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री गौरवमती माताजी की शिष्या परम पूज्य आर्यिका श्री निरंजन मती माताजी ( श्रेयांसमती माताजी ) का समाधिमरण 2 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर तीर्थ , सुधर्म नंग अहिंसा ट्रस्ट , बीलवा , जयपुर , राजस्थान में हुआ। पढ़िए बा. ब्र. अभिषेक भैया की रिपोर्ट…


जयपुर। परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमती माताजी की प्रमुख शिष्या, मध्यलोक सृजनिका , शिष्योत्तमा श्रमणी , परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री गौरवमती माताजी की शिष्या परम पूज्य आर्यिका श्री निरंजन मती माताजी ( श्रेयांसमती माताजी ) का समाधिमरण 2 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर तीर्थ , सुधर्म नंग अहिंसा ट्रस्ट , बीलवा , जयपुर , राजस्थान में हुआ। परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री नंगमती माताजी के सानिध्य व निर्यापकत्व में यम संल्लेखना पूर्वक सम्यक समाधिमरण हुआ।

पूज्य आर्यिका श्री निरंजनमती माताजी ( श्रेयांशमति माताजी ) का जीवन परिचय —

जन्म नाम — पदमा जैन

जन्म — 20 फरवरी 1932 , फाल्गुन शुक्ल सप्तमी , वि. सं. 1988

जन्मस्थान — धामणिया ग्राम , निकट चंवलेश्वर पार्श्वनाथ , जिला – भीलवाड़ा , राजस्थान

पिता — स्व. श्री कन्हैया लाल जी जैन झांझरी

माता — स्व. श्रीमती गट्टु देवी जैन झांझरी

पति — स्व. श्री कुंदनमल जी जैन सौगाणी

ससुराल — ग्राम – पलासिया , तहसील – जहाजपुर , जिला – भीलवाड़ा , राजस्थान

संतान — पुत्र – 3 , पुत्री – 2

आपकी एक पुत्री ब्र. मुन्ना दीदी जी है , जो गणिनी आर्यिका श्री गौरवमती माताजी के संघस्थ रही , और अब गणिनी आर्यिका श्री नंगमती माताजी के संघ में है

क्षुल्लिका दीक्षा

दिनांक — 15 फरवरी 2015 , फाल्गुन कृष्ण एकादशी

दीक्षा स्थान — श्री दिगंबर जैन मंदिर , वरुण पथ , मानसरोवर , जयपुर

क्षुल्लिका दीक्षा गुरु — परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री गौरवमती माताजी

नामकरण — परम पूज्य क्षुल्लिका 105 श्री श्रेयांशमती माताजी

विशेष — श्री श्रेयांशनाथ भगवान के जन्म व तप कल्याणक के अवसर पर , दीक्षा संपन्न होने के कारण से , ” श्रेयांसमती माताजी ” नामकरण किया गया था

आर्यिका दीक्षा  

दिनांक — 31 जुलाई 2024 , सायंकाल – 4 बजे

दीक्षा स्थान — *श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर तीर्थ , सुधर्म नंग अहिंसा ट्रस्ट , बीलवा , जयपुर , राजस्थान

आर्यिका दीक्षा गुरु — परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री नंगमती माताजी

अंतिम संस्कार विधि 

अंतिम संस्कार 2 अगस्त 2024 को सायंकाल 4 बजे श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर तीर्थ , सुधर्म नंग अहिंसा ट्रस्ट , बीलवा , जयपुर , राजस्थान में संपन्न हुआ।.

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