मिलन हाइट्स महिला मंडल द्वारा धार्मिक यात्रा की गई। यात्रा का प्रथम पड़ाव महावीर तपोभूमि रहा जहां पर सदस्यों ने भगवान की खडगासन प्रतिमा और प्राचीन रत्नों की प्रतिमाओं के दर्शन किए। सदस्यों ने तपोभूमि के अनूठे और आधुनिक पुस्तकालय में रखी 25000 पुस्तकों के बारे में वहां के संरक्षक अनिल कासलीवाल से विस्तार से जाना। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। मिलन हाइट्स महिला मंडल द्वारा धार्मिक यात्रा की गई। यात्रा का प्रथम पड़ाव महावीर तपोभूमि रहा जहां पर सदस्यों ने भगवान की खडगासन प्रतिमा और प्राचीन रत्नों की प्रतिमाओं के दर्शन किए। सदस्यों ने तपोभूमि के अनूठे और आधुनिक पुस्तकालय में रखी 25000 पुस्तकों के बारे में वहां के संरक्षक अनिल कासलीवाल से विस्तार से जाना। धार्मिक यात्रा के साथ ही इस यात्रा में सदस्याओं ने उज्जयिनी के समृद्ध ऐतिहासिक और प्राचीन विरासत को भी करीब से देखा।
क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित दर्शनीय और रमणीय पर्यटन स्थल कालियादह पैलेस पर रील बनाई तथा सूर्य मंदिर और कुंड देखे। मंगलनाथ और संदीपनि आश्रम की सैर की गई। जहां मुनि संदीपनि ने श्री कृष्ण, बलराम और सुदामा को 14 कलाएं और 64 रिद्धियों की शिक्षा दी थी। यहां पर विस्तार पूर्वक सुंदर चित्रों के माध्यम से प्राचीन काल का वर्णन तथा कलाओं और रिद्धियों के बारे में बताया गया है। इसके बाद मूल नायक नेमिनाथ भगवान के अतिशयकारी जयसिंहपूरा मंदिर में सभी ने मंदिर के अतिशय के साथ ही जैन धर्म के इतिहास में उज्जैनी के महत्व को जाना। सनातन धर्म के इतिहास में भी उज्जैन अपना विशेष स्थान रखता है। यहां 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर है जहां महाकाल लोक की सैर,यात्रा के अंतिम पड़ाव के रूप में की गई। मंदिरों की नगरी नाम से प्रसिद्ध उज्जैन के दर्शनीय स्थल और इतिहास को जानना सभी के लिए अनूठा अनुभव रहा। तपोभूमि का पुस्तकालय और उज्जैन में हुए अतिशयों को जानकर सभी सदस्यों ने अपनी जानकारी बढ़ाई तथा यात्रा के आयोजकों रीता वैद्य, निहारिका जैन, प्रीति जैन, अल्पना जैन और रुचि चोविश्या जैन का आभार माना।













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