गायत्री नगर, महारानी फार्म स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 16वें तीर्थंकर, 5वें चक्रवर्ती, 12वें कामदेव देवाधिदेव भगवान शांतिनाथ जी का जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव ज्येष्ठ कृष्णा चतुर्दशी को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ धूमधाम से मनाया गया। मन्दिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा के अनुसार मंत्रों की ध्वनि से सुबह 6.15 बजे जलाभिषेक, शांति धारा की गई। पढ़िए उदयभान जैन की रिपोर्ट…
जयपुर। गायत्री नगर, महारानी फार्म स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 16वें तीर्थंकर, 5वें चक्रवर्ती, 12वें कामदेव देवाधिदेव भगवान शांतिनाथ जी का जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव ज्येष्ठ कृष्णा चतुर्दशी को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ धूमधाम से मनाया गया। मन्दिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा के अनुसार मंत्रों की ध्वनि से सुबह 6.15 बजे जलाभिषेक, शांति धारा की गई। जन्म व तप कल्याणक के जयकारों, मंत्रों के साथ अर्घ्य समर्पित किये। तत्पश्चात जिनालय में शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के समक्ष निर्वाण काण्ड बोलकर निर्वाण लाडू विधि-विधान से चढ़ाया गया। प्रथम अभिषेक, शान्तिधारा, सामूहिक निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य संजय- नीलम ठोलिया परिवार को मिला।
सामूहिक आरती का आयोजन
इस अवसर पर आदिनाथ भवन में भगवान शांतिनाथ जी की प्रतिमा विराजमान कर शान्तिविधान का आयोजन विधि विधान से हुआ। विधान में सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य सारसमल-पदम चन्द झांझरी परिवार को मिला। सभी मांगलिक क्रियाएं पं. अजित शास्त्री व पं . बिमल शास्त्री सांगानेर द्वारा कराई गईं। धर्म प्रेमी बंधुओ ने मंत्रोच्चारण कर अर्घ्य समर्पित किये। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा विधान की। सांयकाल सामूहिक आरती, तत्पश्चात पं. अजित शास्त्री टीकमगढ़ ने धार्मिक प्रवचन किये। इस मौके पर राजेश बोहरा, सन्तोष गंगवाल, अनिल टोंग्या, अनिल कुमार जैन बयाना वाले, अनिल बड़जात्या श्रीमहावीर जी वाले, अनिल पोल्यका, एडवोकेट विमल कुमार जैन, बसंत बाकलीवाल, धूप चन्द शाह, अशोक बड़जात्या, अशोक रावंका सहित बड़ी संख्या में समाज जैन मौजूद रहे।













Add Comment