भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक सभी समाज जनों ने बड़े ही भक्ति भाव से मनाया। जिसके अंतर्गत प्रातः7 बजे बड़े मन्दिर जी से रथ में श्री जी को विराजमान कर के नगर के मुख्य बाजार से होते हुए पुनः बड़े मंदिर जी में रथ यात्रा का समापन हुआ। श्रीजी के रथ को हर वर्ष की भांति सभी युवा साथियों व समाजनों ने हाथों से श्री जी के रथ को खींचा व सभी धर्मावलंबियों ने अपने अपने घरों के सामने श्री जी की आरती उतारी । जुलुश का विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी एवं मुस्ताक मलिक के द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।तत्पश्चात श्री जी का पंचामृत अभिषेक बड़े मंदिर जी में संपन्न हुआ। पढि़ए सन्मति जैन काका की रिपोर्ट ……….
सनावद । जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2623 वा जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव एवं हर्षोल्लास से मनाया गया।भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक सभी समाज जनों ने बड़े ही भक्ति भाव से मनाया जिसके अंतर्गत प्रातः7 बजे बड़े मन्दिर जी से रथ में श्री जी को विराजमान कर के नगर के मुख्य बाजार से होते हुए पुनः बड़े मंदिर जी मे रथ यात्रा का समापन हुआ । श्रीजी के रथ को हर वर्ष की भांति सभी युवा साथियों व समाजनों ने हाथों से श्री जी के रथ को खींचा व सभी धर्मावलंबियों ने अपने अपने घरों के सामने श्री जी की आरती उतारी । जुलुश का विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी एवं मुस्ताक मलिक के द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।तत्पश्चात श्री जी का पंचामृत अभिषेक बड़े मंदिर जी में संपन्न हुआ।
जैन धर्म बहुत ही शाश्वत धर्म
रथ के सारथी बनने का सौभाग्य राजेश कुमार जैन को प्राप्त हुआ एवं श्री जी को रथ में लेकर बैठने का सौभाग्य राकेश कमल कुमार जैन जिरभार परिवार को प्राप्त हुआ । वही सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य राजेश कुमार भाई रजनीश कुमार, सुमन बाई जैन को मिला। भगवान महावीर स्वामी के बताये हुए रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अपने धर्म से नही भटकेगा। जैन धर्म बहुत ही शाश्वत धर्म है वे अनादि काल से चला आ रहा है ओर आगे भी चलता रहेगा। भगवान महावीर का अमर संदेश है जियो ओर जीने दो जिसे आज सम्पूर्ण विश्व मे जैन समाज मान कर जैन धर्म का प्रचार प्रसार कर रहा है।वही रात्रि में बालक वर्धमान के माता पिता बनने का सौभाग्य समर्पण कुमार जैन ,शुभम् पेप्सी परिवार को प्राप्त हुआ । सभी समाजनों के द्वारा पोरवाड़ जैन धर्मशाला में बालक वर्धमान को पालना झुलाया गया। व स्थानीय कलाकारों के द्वारा मंगल गीत गाये गये।इस अवसर पर रजनीश जैन,मनोज जैन, आशीष झाझरी, डॉ.प्रकाश जैन,जनीशचंद जैन,शांतिलाल जैन ने इस सफल आयोजन के लिये सभी समाजजनों का आभार माना।













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