समाचार

22वां जैना कन्वेंशन 30 जून से 3 जुलाई तक अमेरिका में हुआ आयोजित : प्रवासी भारतीयों में जैन धर्म के भविष्य को लेकर व्यक्त की गईं चिंताएं


फेडरेशन ऑफ जैन एसोसिएशन इन नार्थ अमेरिका (जैना)अमेरिका एवं कनाडा में निवास रात लगभग दो लाख सदस्यों एवं 70 संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत के बाहर सर्वाधिक पहचान स्थापित करने वाली जैन संस्था है। इस वर्ष सम्पन्न अधिवेशन का ध्येय वाक्य जैन पद्धति से मानवीय क्षमता को अधिकतम करना रहा है। 30 जून से 3 जुलाई तक सम्पन्न अधिवेशन में लगभग पांच हजार श्रावकों ने भाग लिया। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


लेकलेण्ड टेम्पा (अमेरिका)। फेडरेशन ऑफ जैन एसोसिएशन इन नार्थ अमेरिका (जैना)अमेरिका एवं कनाडा में निवास रात लगभग दो लाख सदस्यों एवं 70 संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत के बाहर सर्वाधिक पहचान स्थापित करने वाली जैन संस्था है। 1981-83 में आचार्य सुशील मुनीजी एवं परम पूज्य गुरुदेव चित्रभानु जी के आशीर्वाद से पल्लवित यह संस्था आज सर्वाधिक जीवन्त संस्था है। श्रमण संस्कृति के मानने वाले सभी इसके सदस्य हैं एवं विश्व के लगभग 30-40 देशों के सदस्य इसमें शामिल होते हैं। इस वर्ष सम्पन्न अधिवेशन का ध्येय वाक्य जैन पद्धति से मानवीय क्षमता को अधिकतम करना रहा है। 30 जून से 3 जुलाई तक सम्पन्न अधिवेशन में लगभग पांच हजार श्रावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य वक्ता श्री गुरु रत्नप्रभु, श्री श्री रविशंकर, डॉक्टर सुधीर जैन थे। श्री श्री रविशंकर कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। कार्यक्रम में 5 पवेलियन एवं एक मुख्य पवेलियन था। सभी वक्ताओं को अलग-अलग विषय व समय दिया गया था। श्रोतागण अपने पसंद के वक्ता व विषय का कार्यक्रम में शामिल होने को स्वतंत्र थे। पवेलियन के नाम इस प्रकार रखे गए थे-श्री महावीर जी, श्री महुडी जी, श्री पालीताना जी, श्री रणकपुर जी, श्रीगिरनार जी। इन पवेलियन में सभी प्रकार की ऑडियो वीडियो सुविधा उपलब्ध थी। प्रमुख वक्ता इस प्रकार थे- आचार्य लोकेश मुनि (भारत सरकार के ब्रांड एम्बेसडर ), आचार्य प्रमाण सागरजी (शंका समाधान )दिगंबर मुनि, आचार्य विजय रत्न सूरीजी, गुरुदेव नम्र मुनिमहाराज, आचार्य चंदना जी, श्रमण श्रुत प्रज्ञ जी, साध्वी शिल्पी जी, श्रमणीकरुणा प्रज्ञजी, साध्वी संघमित्रा जी, श्रमणी अमल प्रभा जी, श्रमणीजिन प्रभा जी, श्रमणी शांतिप्रज्ञा जी। इसके अतिरिक्त भारत वर्ष के प्रमुख विद्वान साहित्यकार श्रमण संस्कृति के सशक्त हस्ताक्षर चम्पक भाई मेहता, डॉक्टर जिनेंद्र बी शाह, पंडित महेश जैन, एस पी भारील्ल जयपुर वाले, नरेन्द्र नंदु, डॉक्टर कुमार चैटर्जी, डॉक्टर राहुल कपूर जैन, डॉक्टर विपिन दोषी, जिनय शाह, डॉक्टर प्रदीप जमना दास, शांतिलाल गोलेचा, डॉक्टर रूमा देवी (केबीसी में सम्मानित), प्रीति शाह, प्रोफेसर जोनाथन ब्रिक्सटन, डॉक्टर मुकेश लाठियां, शर्मीला ओसवाल, पंकज शाह, डॉक्टर प्रीतीश मूथा, शांतिलाल जी मूथा बीजेएस पुणे। जो श्रमण धार्मिक बाध्यताओं के चलते व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनके प्रवचन ऑडियो-वीडियो के माध्यम से हुए। कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी आयु वर्ग के लिए पृथक पृथक कार्यक्रम एवं अवसर व सहभागिता का अवसर प्रदान किया गया। जेन कनेक्ट बालक -बालिकाओं के लिए रखा गया, जिसमें यंग जैन प्रोफेशनल (YJP) युवाओं के लिए, यंग जैन ऑफ अमेरिका (YJA) शामिल थे। कार्यक्रम की विविधता यह थी कि जेन अकैडमी बाउल (JAB), जैन गाट टेलेन्ट JGT के कार्यक्रम भी रुचि अनुसार रखे गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्तत नेमीराजुल का दो घंटे का पूर्ण कार्यक्रम रखा गया। इसके अतिरिक्त कुकिंग शो, ओडिसी शैली में भक्तामर, रासगरबा, बॉलीवुड म्यूज़िकल नाइट का कार्यक्रम संपन्न हुआ। एक अन्य अभिनव कार्यक्रम तीर्थ यात्रा दर्शन का रहा, जिसमें भारत के इन स्थानों के प्राचीन मंदिरों के दर्शन कराए गए- इन्दौर 2 घंटे उसमें कांच मंदिर गोम्म गिरी, ओंकार गिरी, धर्मपुर एकघंटे, रणकपुर व कुण्डलपुर 2 घंटे। अंत में चार प्रश्नों पर पांच श्रमणों के उद्गार हुए…

 

1. भारत वर्ष में जेन धर्म को प्रभावित करने वाली आपकी शीर्ष चिंता वाली प्रवत्तियां क्या है?

2. प्रवासी भारतीयों में जैन धर्म के भविष्य को लेकर आपकी क्या चिंताएं हैं?

3. विश्व की सर्वाधिक विचारणीय समस्याएं क्या है एवं जैन सिद्धांतों से उनका समाधान कैसे हो सकता है?

4. जैन श्रावक दुनिया में कैसे बदलाव ला सकते हैं?

इन चार प्रश्नों पर अत्यंत बुद्धिमत्तापूर्ण उत्तर गण्यमान्य वक्ताओं ने दिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे हैं 

सभी प्रतिनिधियों को टेबल कुर्सी परबिठाकर भोजन कराया गया।.सभी उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान किया गया, जो समयानुसार लगभग 250 से 300 डॉलर प्रति व्यक्ति रहा। जैन सेन्टर वेस्टर्न के श्रावकों का विशेष सहयोग रहा, जिसमें मुख्य रूप से बिंदेश, रुपल शाह, लक्ष्मी, पूरब कपाडिया, अमित, अश्विनी लुनावत, सौरभ इतिशा जैन, ज्योति, पीयूष बोथरा एवं परिजनों के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। इन्दौर, मध्य प्रदेश से वेद परिवार के सदस्य मंजु, टीके वेद, विशेष, अदिति वेद, प्रियंका, हितेश जैन, भव जैन, आरव, आयरा वेद उपस्थित रहे। आयोजन समिति के दीपक शाह, राजीव पंड्या, दलसुख मडिया, महेश वाडे ,प्रेम जैन, हरेश शाह आदि मुख्य रूप से इस कार्यक्रम के संयोजक रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page