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आचार्य विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ का चातुर्मास : कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य हुआ आयोजन


जैन तीर्थ श्रेयांशगिरि में परम पूज्य बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारतगौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ (30साधुओं सहित) के 45वे मंगल वर्षायोग/ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ भारी जनसमुदाय की उपस्थिति में किया गया। पढ़िए राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट…


श्रेयांशगिरि (पन्ना)। पन्ना जिला अंतर्गत सलेहा के निकटवर्ती जैन तीर्थ श्रेयांशगिरि में परम पूज्य बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारतगौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ (30साधुओं सहित) के 45वे मंगल वर्षायोग/ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ भारी जनसमुदाय की उपस्थिति में किया गया। चातुर्मास समिति एवं भरत सेठ ने बताया कि श्रेयांशगिरि में पूज्य गुरुदेव का वर्ष 2014 के बाद हो रहे चातुर्मास कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम में देश के मध्य प्रदेश, नागालैंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित जैन तीर्थ नैनागिरि व द्रोणगिरि, जैन समाज बकस्वाहा, बड़ामलहरा, घुवारा सहित अनेक स्थानों से भारी संख्या में धर्मावलंबियों ने सम्मिलित होकर इस पुण्यशाली क्षणों के साक्षी बनकर सौभाग्य एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।

बताई चातुर्मास की महिमा

चातुर्मास का प्रथम कलश पुखराज, मनोज कुमार जैन सतना, द्वितीय कलश कपूरचंद जैन जयपुर व तृतीय कलश राहुल जैन अहिंसा परिवार करहल वालों को प्राप्त हुआ । परम पूज्य गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पुखराज, मनोज सतना एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य विष्णु कुमार बोहरा निवाई वालों को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन के माध्यम से श्रेयांशगिरि के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए चातुर्मास की महिमा का व्याख्यान किया एवं उपस्थित समस्त भक्तजनों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

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