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श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा एवं मानस्तम्भ महामस्तकाभिषेक : महोत्सव में हुई गर्भ कल्याणक उत्तर रूप की क्रियाएं


हरीपर्वत स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी में आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान एवं मुनि श्री साक्ष्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में श्री मज्जिनेन्द्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं मानस्तंभ महा मस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन चल रहा है। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। हरीपर्वत स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी में आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान एवं चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री साक्ष्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में श्री मज्जिनेन्द्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं मानस्तंभ महा मस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन चल रहा है। इसमें दूसरे दिन 15 जून को भक्तों ने गर्भ कल्याणक उत्तर रूप का शुभारंभ नित्यमह पूजा, सौधर्म इन्द्र द्वारा अपने साथी इन्द्रों के साथ भगवान का जिन अभिषेक एवं शतिधारा के साथ किया। तदोपरान्त नृत्य और संगीत के साथ सभी पात्रों ने गर्भकल्याणक की पूजा तथा हवन किया गया।

उसके पश्चात् आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारियों द्वारा मुनिश्री को श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के मध्य में मुनि श्री साक्ष्यसागर जी महाराज मुनि, श्री निवृत्तसागर जी महाराज व मुनिश्री योग्यसागर जी महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तों से कहा कि जैसे संस्कार मिलते हैं वैसी ही आकृति उत्पन्न होती है। जैसी आकृति उत्पन्न होती है, वैसा ही अनुभव प्रारम्भ हो जाता है। माता-पिताओं से कहा कि अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान देने की आवश्यकता है। हर मां को अपने बेटे-बेटियों को संस्कार और घर के कार्य में बचपन से ही दक्ष करना चाहिए। उन्होंने वर्तमान परिवार व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि एक संतान नहीं करें। एक संतान देश समाज धर्म की और घर की सेवा नहीं कर सकती… ऐसा सोचो। संस्कार घर से प्रारम्भ होते हैं, स्वस्थ संस्कारी बच्चे अपने आप में ही ज्ञानी होते हैं। उन्होंने भ्रूण हत्या न करने का भी उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या करने वाले परिवार पर आजीवन सूतक रहता है। वह मंदिर जाने के लायक नहीं, जिनभक्ति करने लायक नहीं है और मुनियों को आहार देने के भी लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि जन्म दो बच्चों को और न पाल सको तो मंदिर के द्वार पर, धर्म के द्वार पर डाल दो, पर बच्चे को जन्म दो। दोपहर 1:00 बजे से गोद भराई तीर्यमंडल पूजा, आचार्यश्री के प्रवचन, दोपहर 4:45 बजे से नवीन वेदी शुद्धि एवं वेदी संस्कार, सायं 7:40 बजे मंगल आरती एवं प्रवचन तथा रात्रि 8:40 बजे महाराज नाभिराय का दरबार, राज्य व्यवस्था, स्वप्नों का फलादेश, माता मरूदेवी की सेवा, आरती, गीत, नृत्य, तत्वचर्चा, छप्पन कुमारियों द्वारा भेंट समर्पण आदि कार्यक्रम की नाट्य रूपांतर क्रियाओं का सौरभ जैन एण्ड पार्टी, जबलपुर द्वारा आर्कषक मंचन द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन द्वारा किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप जैन पीएनसी, हीरालाल बैनाडा, पुष्पेंद्र जैन, जितेन्द्र जैन, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री सुनील जैन ठेकेदार, अर्थमंत्री राकेश जैन परदेवाले, मुख्य संयोजक मनोज जैन, अनन्त जैन, मीडिया प्रभारी आशीष जैन मोनू, मनीष जैन ठेकेदार, विमल जैन, शैलेन्द्र जैन रपरिया, मुकेश जैन रपरिया, राकेश जैन बजाज, अनिल जैन एफसीआई, सुभाषचंद जैन, सुशील जैन, अनिल जैन रईस, रमेशचंद जैन, शुभम जैन, पंकज जैन, राहुल जैन, अक्षय जैन, राजकुमार जैन, दीपक जैन, अरुण जैन छोटू, अंजलि जैन, उषा जैन, मनोरमा जैन, शशि पाटनी आदि लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल और सत्येंद्र जैन द्वारा किया गया।

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