भारत के इतिहास में पहली बार सन्त शिरोमणि आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज की विगत वर्षों से प्राप्त समस्त पिच्छिकाओं का एक स्थान पर एक साथ दर्शन एवं स्पर्श करने का सौभाग्य 29 अप्रैल को इंदौर में प्राप्त होगा। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। भारत के इतिहास में पहली बार सन्त शिरोमणि आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज की विगत वर्षों से प्राप्त समस्त पिच्छिकाओं का एक स्थान पर एक साथ दर्शन एवं स्पर्श करने का सौभाग्य 29 अप्रैल को इंदौर में प्राप्त होगा। इस कार्यक्रम में परम पूज्य मुनिश्री विमलसागर, मुनिश्री अन्नतसागर, मुनिश्री धर्मसागर, मुनिश्री भावसागर महाराज का सान्निध्य प्राप्त होगा । साथ ही बा.ब्र.विनय भैयाजी बण्डा एवं बा.ब्र.नितिन भैयाजी का मार्गदर्शन व निर्देशन रहेगा । कार्यक्रम में पीएनसी ग्रुप के डायरेक्टर प्रदीप जैन आगरा, प्रभात जैन मुंबई, सेवानिर्वत न्यायाधीश श्री जे.के.जैन, आई.ए. एस. अभिषेक सराफ, 5वीं बटालियन के कमांडेंड आई.पी.एस. विनीत जैन विशिष्ट अतिथि होंगे।
पिच्छी प्राप्त करने वालों का होगा सम्मान
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के स्वर्ण जयंती एवं मुनिश्री विमलसागर जी महाराज ससंघ के रजत दीक्षा जयंती को विभिन्न आयोजनों के साथ 29 अप्रैल को दोपहर 1:30 बजे से पंचकल्याणक मंडप तुलसी नगर, इंदौर में मनाया जा रहा है । इस पावन अवसर पर महामहिम आचार्य श्री की प्रथम दीक्षा से लेकर आज तक के पिच्छी प्राप्त करने वाले भाग्यशाली लोगों का सम्मान भी किया जाएगा। इस अवसर पर महामहिम आचार्य श्री की 1968 से लेकर 2022 तक की सारी पिच्छी और उन्हें पाने वाले सौभाग्यशाली लोगों को देखने और पिच्छी को स्पर्श करने का सौभाग्य मिलेगा। आचार्य श्री की इन पावन पिच्छियों को सजाकर अनावरण करने का परम सौभाग्य इन्दौर के जिन मंदिरों की कमेटियों को प्राप्त होगा । पंचकल्याणक समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज इंदौर ने अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है ।













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