सिद्धवरकूट में सात और आठ मार्च को आध्यात्मिक रंगों की होली मनाई गई। इस अवसर श्रद्धालुओं द्वारा क्षेत्र पर विमानोत्सव एवं घटयात्रा निकाली गई। पढ़िए सन्मति जैन की विशेष रिपोर्ट…
सिद्धवरकूट/सनावद। साढ़े तीन करोड़ मुनियों की मोक्ष स्थली सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट में 2 दिवसीय भव्य धार्मिक मेले का समापन बुधवार को हुआ। इस अवसर पर ध्वजारोहण के साथ णमोकार मंडल विधान, शान्ति नाथ मंडल विधान के साथ विमानोत्सव, घट यात्रा निकाली गई और भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक किया गया।
सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट के सदस्य सन्मति जैन काका ने बताया कि सात दशकों से अनवरत प्रतिवर्ष लगने वाले इस धार्मिक मेले के प्रारंभ में णमोकार मंडल विधान चिन्ता बाई सूरजमलजी के पुत्र अशोक जैन, डॉ. राज जैन और एवीएस परिवार बड़वाह के द्वारा सात मार्च से शुरू हुआ। आठ मार्च को नित्य नियम पूजन, शान्तिनाथ मंडल का मंडल विधान किया गया। शाम को आरती भक्तों के द्वारा की गई।

सन्मति जैन काका ने बताया कि दोपहर 2 बजे से श्रीजी को विमान में विराजमान कर क्षेत्र भ्रमणकर घट यात्रा के साथ भगवान बाहुबली स्वामी का क्षेत्र परिसर में महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद शांतिधारा संपन्न हुई। तत्पश्चात स्वामी वात्सल्य भोजन की व्यवस्था उदारमनाओं द्वारा रखी गई थी।त्रिदिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन में निमाड़ -मालवा सहित अन्य कई प्रांतों से श्रद्धालु जुटे।













Add Comment