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माता -पिता के बहुमान का दिन: राजेश जैन दद्दू इंदौर का विशेष आलेख


मातृ- पितृ दिवस 14 फरवरी 2023 को ऐसे मनाएं तभी स्नेह से संवरेंगे रिश्ते…


वैलेंटाइन डे हो या अन्य दिन, सभी के साथ जितना भी प्यार बांटा जाए कम है, क्योंकि जिस तरह ज्ञान के बारे में कहा जाता है कि जितना बांटा जाए उतना बढ़ता है, ऐसा ही प्यार के मामले में भी है। इसलिए इस दिन को मातृ- पितृ दिवस के रूप में मनाए अपने स्वजनों के साथ और लाएं सबके चेहरे पर मुस्कान।

-परिवार के साथ बिताएं समय :अगर परिवार साथ है तो जिंदगी में कोई भी दुख या परेशानी परेशान नहीं कर सकती। इसलिए जिस तरह हम होली और दिवाली परिवार के साथ बनाते हैं, उसी तरह मातृ- पितृ दिवस को भी परिवार के साथ मनाएं तो स्वयं को तो खुशी मिलेगी ही, परिवार के सदस्य भी बहुत खुश होगे।

– साथ घूमने जाएं:परिवार के साथ घूमने जाएं, लंच और डिनर करें और आपस में खुशी बांटें। प्यार का इजहार केवल अपने प्रिय से ही नहीं, बल्कि परिवार के लोगों से भी किया जा सकता है। इससे आपको जीवन में हर पल खुशी का एहसास होगा।

-जादू की झप्पी : घर के बुजुर्गों के लिए जादू की झप्पी देने का इससे बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता। इससे उन्हें पता चलेगा कि आपके जीवन में उनकी कितनी अहमियत है। उनके चेहरे पर आने वाली मुस्कुराहट से आपको ऊर्जा मिलेगी।

-उपहार भी जरूरी है : यह जरूरी नहीं है कि किसी को मंहगा उपहार ही दिया जाए। घर में किसी बुजुर्ग का चश्मा खराब हो गया है तो उनका चश्मा ठीक करा दिया जाए या किसी के पास रोजमर्रा की जरूरत की कोई चीज नहीं है तो उस चीज को लाकर दे दिया जाए। ऐसा करने से वे न जाने कितनी दुआएं देंगे, साथ ही यह महसूस करेंगे कि उनका कितना ख्याल रखा जाता है। आप एक फूल देकर भी अपना प्यार जता सकते हैं।

-प्यार और परिवार को महत्व दें : पैसे को महत्व देने के बजाय प्यार और परिवार को महत्व दें। परिवार के साथ हिल मिलकर रहें और हर किसी का ध्यान रखें। इससे परिवार में ही नहीं समाज में भी आपका सम्मान बढ़ेगा। एक चीज जान लें कि प्यार पैसे से नहीं खरीदा जा सकता। अगर प्यार पाना है तो परिवार पर प्यार लुटाइए, क्योंकि पैसा तो कमाया जा सकता है पर पैसे के चक्कर में अगर परिवार खो दिया तो परिवार नहीं मिलने वाला।

-परिवार से बढ़कर कुछ नहीं: परिवार के बीच आकर सारी चिंताएं, सारे दुख दूर हो जाते हैं, क्योंकि अगर परिवार में यह कहने वाले होते हैं की चिंता क्यों करते हो, मैं हूं न। बस, इसी के साथ चिंता खत्म हो जाती है। ऐसा ही दुख में भी होता है, क्योंकि दुख में भी पूरा परिवार साथ खड़ा होता है।

-अहंकार को किनारे करें : परिवार के तमाम झगड़ों का मूल अंहकार और नासमझी होती है। जब कोई किसी की तकलीफ समझ नहीं पाता तो उनके बीच अनबन की शुरुआत हो जाती है। इस नासमझी के पीछे अंहकार ही जिम्मेदार होता है। मैं पहले साॅरी क्यों कहूं,इस वजह से बात आगे बढ़ती जाती है। इससे अनबन को और हवा मिलती है। आप जान लें कि जहां चार बर्तन होगे तो आपस में टकराएंगे ही। इसलिए अंहकार को किनारे कर अपनों से सॉरी कहने में कोई बुराई नहीं है। आप किसी से एक बार साॅरी कहकर उसे खुश करेंगे तो वह आपको सौ बार खुश करेगा।

-अपने रिश्ते को भी दें समय : उस इंसान को भी कतई न भूले, जिससे आपका दिल का रिश्ता है। जिससे आपके दिल के तार जुड़े हैं या जिसका साथ पाकर आप खुश हो जाते हैं। इस दिन आप दुनिया के किसी कोने में हो अपने प्रिय या पार्टनर को पास होने का एहसास जरूर दिलाएं। आप उसे यह अहसास दिलाएं कि आप उससे कितना प्रेम करते हैं। इससे उसके लिए ही नहीं अपने लिए भी मातृ-पितृ दिवस को यादगार बना सकते हैं।

मातृ- पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बहुत-बहुत बधाई…

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