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सम्मेद शिखर : सकल जैन समाज की मुहिम का असर, पारसनाथ में मांस-मदिरा पर सख्ती से पाबंदी लागू करेगी सरकार

पवित्र तीर्थ में कोई बड़ी संरचना खड़े करने की योजना नहीं – झारखंड सरकार

 

सम्मेद शिखर पर देशव्यापी आंदोलन के बीच अफवाहों का भी दौर चला । लेकिन श्रीफल जैन न्यूज़ ने खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखी । सम्मेद शिखर का मामला संवेदनशील है । इस पर कोई झूठी खबर देना, जैन समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है । इसी को ध्यान में रखते हुए श्रीफल न्यूज़ आपके लिए पूरी पड़ताल के बाद विश्वसनीय खबर लेकर आया है ।

पारसनाथ में कोई बड़ी संरचना की योजना नहीं

राज्य सरकार के पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा है कि पारसनाथ के पर्यटन क्षेत्र के रूप में घोषित होने का यह मतलब नहीं है कि वहां राज्य सरकार की योजना कोई बड़ी संरचना करने की है। उसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में इसलिए घोषित किया गया है ताकि राज्य सरकार जैन धर्मावलंबियों की सुविधा के लिए ही छोटा-मोटा काम करना चाहे तो कर सके । जैसे सीढ़ियां बनाना हो या शेड बनाना, ये सब कार्य हो सके । इसके लिए पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने का आदेश वापस लेने की कोई आवश्यकता नहीं है । हालांकि उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इस पर कोई निर्णय लेती है तो ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पारसनाथ में मांस-मदिरा का उपयोग पहले से वर्जित है। बुधवार को ही उसे सख्ती से लागू करने का आदेश गिरिडीह के उपायुक्त को दिया गया है।
अति महत्वपूर्ण

2019 में पारसनाथ को ईको ट्यूरिज्म और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाया लेकिन आज तक कोई संरचना नहीं बनाई

सचिव के अनुसार, केंद्र सरकार के वन मंत्रालय ने जून 2019 में पारसनाथ को इको टूरिज्म के रूप में घोषित किया है । वहीं, राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में ही पारसनाथ को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में घोषित किया है । इसके बाद वहां कोई नई संरचना विकसित नहीं हुई है । पारसनाथ में शराब और मांस की बिक्री नहीं होती । वहां इसके प्रतिबंध को लेकर कई जगहों पर बोर्ड भी लगाए गए हैं । उन्होंने कहा कि उनकी समझ से इसे वहां सख्ती से लागू कराने की जरूरत है क्योंकि जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा शिखर पर कुछ युवाओं के शराब सेवन करने की जानकारी दी गई है । सचिव ने कहा कि वहां मांस और मदिरा के सेवन पर प्रतिबंध सख्ती से लागू कराने के लिए पारसनाथ विकास प्राधिकार को पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा । इसमें उपायुक्त द्वारा मनोनीत छह सदस्य भी होते हैं जिसमें जैन समाज के लोगों को शामिल किया जाएगा ।

मांस,शराब वर्जित का कैबिनेट से प्रस्ताव

सचिव ने कहा कि पारसनाथ में मांस व शराब के सेवन पर प्रतिबंध तथा बिक्री पर रोक के लिए पारसनाथ विकास प्राधिकार द्वारा रेजोल्यूशन लाया जाएगा। इसे कैबिनेट से भी पारित कराया जाएगा ताकि उसका सख्ती से अनुपालन हो सके। साथ ही बाउंड्री भी खींची जाएगी जहां इसका प्रतिबंध लागू होगा ।

New Document(10) 21-Dec-2022 18-32-40
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