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साधु संगति में संवरता गृहस्थ का जीवन – मुनि सुधासागर

ललितपुर. राजीव सिंघई  । श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि गृहस्थ का जीवन कठिन है, जबकि साधु जीवन में सच्चा आनंद है। सत्य का मार्ग सरल बताते हुए उन्होंने कहा कि गृहस्थ झूठ बोलने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि जहां साधुओं के सानिध्य में व्यक्ति को बुरे कार्यों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है, वहीं गृहस्थ का जीवन संवरता है।

इससे पहले प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द शान्तिधारा पुण्यार्जक परिवार द्वारा हुई। धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया तथा महिला मण्डल ने मुनि श्री को शास्त्र भेंट का पुण्यार्जन किया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने किया।

बुघवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज का उपवास व्रत रहा एवं मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान देने का सौभाग्य नरेन्द्र कडंकी वीरू कडंकी परिवार को मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावकों ने मुनि श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं। इसके बाद गुरु भक्ति एवं संगीतमय आरती पुण्यार्जक परिवार के साथ श्रद्धालु कर लाभान्वित हो रहे हैं।

बांसी जैन मंदिर का पंचकल्याणक 7 दिसम्बर से
निकटवर्ती कस्वा बांसी में मुनि श्री सुधासागर महाराज के आशीर्वाद से नवनिर्मित श्री चैतन्य चमत्कारिक चिंतामणि श्री श्री पार्श्वनाथ मंदिर का श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन आगामी 7 दिसम्बर से 12 दिसम्बर तक होगा। बुधवार प्रातःकाल बांसी जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार जैन, मंत्री सुदर्शन जैन, सुरेश जैन, संतोष जैन, सुनील जैन, विजय जैन, प्रदीप कुमार, अरुण जैन, डॉ. जितेन्द्र जैन, अरविन्द कुमार, मनोज जैन, राकेश जैन, सुनील जैन, अभिषेक जैन ने ललितपुर जैन पंचायत अध्यक्ष इंजी. अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया के साथ मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ससंघ को श्रीफल अर्पित कर प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश अशोकनगर के मार्गदर्शन में पंचकल्याणक के लिए निवेदन किया। जिस पर उन्होंने आशीर्वाद प्रदान किया।

गौरतलब है कि कस्वा बांसी में 7 अप्रेल, 2011 को भव्य जैन मंदिर का संकल्प मुनि श्री के सानिध्य में स्थानीय समाज ने लिया था और श्री जी को अस्थाई वेदिका पर विराजित किया था। वर्तमान में अतिभव्य मनोरम जिनालय तैयार हुआ है, जिसका पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मुनि श्री के सानिध्य में निश्चित होने से जैन समाज में खुशी की लहर है और आयोजन को अतिभव्यता हेतु तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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