सनावद के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में अष्टानिका पर्व के अंतर्गत सिद्धचक्र मंडल विधान श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने 120 अर्घ्य समर्पित कर सिद्ध भगवान की आराधना की। गुरु पूर्णिमा पर रथयात्रा एवं विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।
सनावद। आषाढ़ माह के अष्टानिका पर्व के अवसर पर श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में सुनील–पुष्पा जैन पावणा परिवार तथा श्रीमती विनोदिनी स्व. चांदमल जैन एवं श्रीमती रक्षा स्व. प्रेमचंद जैन परिवार के सौजन्य से सिद्धचक्र मंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
120 अर्घ्य समर्पित कर की सिद्धों की आराधना
प्रातःकाल भगवान जिनेन्द्र का पंचामृत अभिषेक एवं सामूहिक पूजन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात आचार्य श्री 108 विप्रणत सागर जी द्वारा रचित सिद्धचक्र मंडल विधान के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने 120 अर्घ्य समर्पित कर सिद्ध भगवान की आराधना की।
सिद्धों के गुणों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा
प्रशांत चौधरी ने सिद्धचक्र महामंडल विधान की महिमा बताते हुए कहा कि सिद्ध भगवान कर्ममलों से पूर्णतः मुक्त होकर अनंत सुख में विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि मन, वचन और काया से होने वाले पापों से बचते हुए आत्मशुद्धि एवं सदाचार का मार्ग अपनाना ही सिद्धों की आराधना का वास्तविक उद्देश्य है।
भक्ति और आरती से गूंजा मंदिर परिसर
सायंकाल मंदिर परिसर में सामूहिक भक्ति एवं महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में सुनील पावणा, सुदेश जटाले, कमल के.के., राहुल स्वास्तिक, महावीर जैन, सुधीर चौधरी, प्रीति जटाले, अंशुमा सराफ, प्रियंका पंचोलिया, भानुबाई, मीना जटाले, वर्षा जैन, रेणु जैन, अप्सरा जटाले सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
आज निकलेगी रथयात्रा एवं होगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव
अष्टानिका पर्व के समापन एवं गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार, 30 जुलाई को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से भगवान की भव्य रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी। रथयात्रा के उपरांत मंदिर में पंचामृत अभिषेक, गुरु पूजन एवं रात्रि में भक्तामर आराधना का आयोजन होगा।













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