कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टान्हिका पर्व के पावन अवसर पर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल भावना के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्रद्धापूर्वक शुभारम्भ हुआ। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में अष्टान्हिका पर्व के शुभ अवसर पर विश्व शांति, अमन-चैन, रोग-शोक एवं भय के निवारण, सर्वसौभाग्य, समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की मंगल भावना के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का विधिवत शुभारम्भ हुआ। श्रद्धालुओं ने अनन्तानन्त सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना कर विश्व कल्याण की मंगल कामना की।
लालचंद पहाड़िया ने बताया कि विधान के प्रथम दिन सौधर्म इन्द्र बनकर शांतिधारा एवं जिनवाणी विराजमान कराने का सौभाग्य श्रावकश्रेष्ठी चिरंजीलाल, हीरामणी, अशोक, प्रीति एवं भव्य पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं मंगल कलश स्थापना का पुण्यार्जन राजेश कुमार, मनोज कुमार, ममता एवं प्रतीक पांड्या परिवार ने किया।
सुभाष पहाड़िया ने बताया कि प्रातःकाल कलशाभिषेक एवं शांतिधारा के उपरांत देव-शास्त्र-गुरु पूजन, चौबीसी पूजन, भगवान महावीर पूजन, पंचमेरु पूजन, नन्दीश्वर द्वीप पूजन तथा श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।
विधान में चिरंजीलाल-हीरामणी पाटोदी, भंवरलाल-कमला देवी झांझरी, तेजकुमार-शकुन्तला बड़जात्या, माणकचन्द-चन्दा देवी काला, सुरेश कुमार-संतोष देवी पांड्या, लालचंद-सुभाषचन्द पहाड़िया तथा विमल-अमित पाटोदी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान सिद्ध को 8 एवं 16 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल कामना की।













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