आगरा के श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर, गुदड़ी मंसूर खां में आचार्यश्री सौभाग्यसागर जी महाराज एवं स्थविर संत सुरत्नसागराचार्य जी महाराज ससंघ का श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा एवं मंगल गीतों के साथ स्वागत कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
आगरा। परम्पराचार्य आचार्य श्री 108 सौभाग्यसागर जी महाराज एवं स्थविर संत श्री 108 सुरत्नसागराचार्य जी महाराज ससंघ का मंगलवार को श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर, गुदड़ी मंसूर खां में श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जयघोष, मंगल गीतों एवं पुष्पवर्षा के साथ दोनों आचार्य भगवंतों का भावभीना स्वागत किया।
मंगल प्रवेश के उपरांत आचार्य भगवंतों ने सर्वप्रथम भगवान श्री शीतलनाथ के दर्शन किए। इसके पश्चात उनके पावन सान्निध्य में जिनाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर “जय गुरुदेव” के उद्घोषों से गूंज उठा और संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर गया।
अपने मंगल प्रवचनों में आचार्य श्री सौभाग्यसागर जी महाराज ने धर्म, संयम, सदाचार, अहिंसा एवं आत्मकल्याण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहकर व्यवहार और जीवनचर्या में भी दिखाई देना चाहिए। धर्म के संस्कार समाज में नैतिकता, सद्भाव और एकता का संचार करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं जैन सिद्धांतों से जोड़ना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
श्रद्धालुओं ने दोनों आचार्य भगवंतों के सान्निध्य को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि ऐसे संतों का नगर आगमन समाज के लिए आध्यात्मिक जागरण, प्रेरणा और पुण्य का अनुपम अवसर होता है। मंगल प्रवेश के साथ ही श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ भी हुआ।
इस अवसर पर राकेश जैन (पार्षद), वीरेंद्र जैन, प्रमोद जैन, रविंद्र कुमार जैन, अजय जैन, राजेश जैन, धर्मेश जैन, रूपेश जैन, पंकज जैन, सुभाष जैन, व्यवस्थापक जितेंद्र जैन, प्रवेश जैन, सुशीला जैन, कुसुम जैन, शशि जैन, अल्पना जैन, सुनीता जैन, मिथिलेश जैन सहित समाज के पदाधिकारी, महिला मंडल, युवक-युवती मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













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