जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका रत्न श्री 105 अर्हं श्री माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। विश्वशांति के लिए शांतिधारा कराई गई तथा माताजी ने क्षमा, संस्कार और आत्मचिंतन का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी उदयभान जैन की यह रिपोर्ट।
जयपुर। परम पूज्य आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज की परम प्रभाविका शिष्या, सम्यक्त वर्धिनी, भक्तामर साधिका एवं जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका रत्न श्री 105 अर्हं श्री माताजी ससंघ का मंगलवार प्रातः 14 जुलाई को श्री दिगंबर जैन मंदिर, गायत्री नगर, महारानी फार्म में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
गाजे-बाजे के साथ हुआ मंगल प्रवेश
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि पूज्य माताजी प्रातः 5:30 बजे मीरा मार्ग जैन मंदिर से गाजे-बाजे के साथ विहार कर मंदिर पहुंचीं। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन, मंगल आरती एवं भक्ति भाव से अगवानी की। मंदिर परिसर में महिला मंडल ने मंगल कलश के साथ स्वागत किया।
विश्वशांति के लिए हुई शांतिधारा
दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में पूज्य माताजी का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती की गई। इसके पश्चात माताजी के मुखारविंद से विश्वशांति के लिए शांतिधारा संपन्न हुई। प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य गौरव जैन खेडली वाले, विद्या प्रताप काला एवं गुंजन जैन को प्राप्त हुआ। समस्त मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजित शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गईं।
माताजी ने दिया संस्कारों का संदेश
अपने मंगल प्रवचन में पूज्य माताजी ने कहा कि प्रत्येक श्रावक-श्राविका को प्रतिदिन अपने श्रेष्ठ कार्यों का लेखा-जोखा डायरी में लिखना चाहिए। उन्होंने सभी को प्रतिदिन क्षमा मांगने और दूसरों को क्षमा करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अच्छे संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं और भविष्य में वही हमारे लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं।
समाजजनों का हुआ अभिनंदन
कार्यक्रम में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश वोहरा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा, राकेश पटौदी, बसंत बाकलीवाल, आलोक शाह, कैलाश छाबड़ा, उदयभान जैन, आनन्द बाकलीवाल सहित विभिन्न कॉलोनियों से आए श्रद्धालु एवं धर्म जागृति संस्था के प्रदेश अध्यक्ष पदम बिलाला का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
आगामी धार्मिक कार्यक्रम
अरुण शाह ने बताया कि पूज्य माताजी के सान्निध्य में दोपहर 3:30 बजे स्वाध्याय, शाम 4:30 बजे शंका समाधान तथा रात्रि 7:00 बजे संस्कार यात्रा का आयोजन होगा। 15 जुलाई को प्रातः मंदिर में शांतिधारा एवं मंगल प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। सभा का संचालन अध्यक्ष अरुण शाह ने किया













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